पंजाब के जालंधर सेंट्रल से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक रमन अरोड़ा की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के मामले में उनके खिलाफ अदालत में चार्जशीट दायर कर दी है। विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, चार्जशीट में कई ऐसे अहम तथ्य और सबूत पेश किए गए हैं, जिनसे भ्रष्टाचार के इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है। चार्जशीट में आरोप है कि रमन अरोड़ा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी धन में हेरफेर की, अनियमितताएं कीं और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर अवैध संपत्ति बनाई। विजिलेंस ने कहा कि जांच के दौरान कई अहम दस्तावेज और गवाहों के बयान सामने आए हैं, जिन्हें कोर्ट में रखा गया है। अब इस मामले में अदालत में जल्द सुनवाई होगी। 23 जून को हुई थी गिरफ्तारी विजिलेंस ने रमन अरोड़ा को 23 जून को जालंधर से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया और रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। रिमांड के दौरान भी कई अहम जानकारियां सामने आईं, जिन्हें चार्जशीट का हिस्सा बनाया गया। उन्हें भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के एक मामले में पकड़ा गया, जिसमें उन पर सरकारी पद का दुरुपयोग करके अवैध संपत्ति बनाने और अनियमितताओं में शामिल होने के आरोप हैं। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया और पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया गया। अब रमन अरोड़ा जेल में बंद हैं। केस मे उनके समधी राजू मदान और बेटे राजन अरोड़ा को भी नामजद किया गया था। बेटे और समधी पर भी आरोप इस मामले में रमन अरोड़ा के बेटे राजन अरोड़ा और समधी राजू मदान को भी नामजद किया गया था। राजन अरोड़ा के खिलाफ पहले ही लुकआउट सर्कुलर जारी हो चुका है। हालांकि, हाल ही में हाईकोर्ट ने राजन को गिरफ्तारी से 24 सितंबर तक के लिए राहत देते हुए जांच में सहयोग करने का आदेश दिया है। विजिलेंस का कहना है कि चार्जशीट में दर्ज तथ्यों के आधार पर मामले की गहराई से जांच जारी रहेगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अदालत में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब इस केस में कानूनी कार्रवाई और तेज हो गई है।


