जालंधर में आम आदमी पार्टी के एक नेता की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना ने पूरे पंजाब में सनसनी फैला दी है। इस वारदात के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सियासत तेज हो गई है। अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने इस घटना को लेकर आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सांसद औजला ने कहा कि पंजाब में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में रोजाना हत्या, लूट और गैंगवार जैसी गंभीर आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार हालात पर काबू पाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। औजला ने कहा कि पंजाब को एक ऐसे मजबूत और जिम्मेदार मुख्यमंत्री की जरूरत है, जो कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता दे सके। केंद्र सरकार भी हालात के लिए जिम्मेदार: औजला उन्होंने स्पष्ट किया कि इस स्थिति के लिए सिर्फ पंजाब सरकार ही नहीं, बल्कि केंद्र सरकार भी बराबर की जिम्मेदार है। औजला का आरोप है कि केंद्र सरकार इस पूरे मामले में मूकदर्शक बनी हुई है और राज्य की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। औजला ने राहुल गांधी द्वारा रवनीत सिंह बिट्टू को “गद्दार दोस्त” कहे जाने का जिक्र करते हुए कहा कि यह बयान मौजूदा राजनीतिक हालात को उजागर करता है। इसके साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि जब पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार होना था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहां थे और भाजपा ने राजघाट पर अंतिम संस्कार के लिए जगह क्यों नहीं दी। अंत में सांसद गुरजीत सिंह औजला ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सिखों से नफरत करती है। उन्होंने किसान आंदोलन का हवाला देते हुए कहा कि इस दौरान 700 से अधिक किसानों की मौत हो गई, जो केंद्र सरकार की नीतियों की एक बड़ी और दर्दनाक मिसाल है।


