बाड़मेर के मिलिट्री स्टेशन जालीपा में वार्षिक सिविल-मिलिट्री फ्यूजन बास्केटबॉल फाइनल का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल-कौशल, अनुशासन और टीमवर्क का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य सेना और नागरिक समुदाय के बीच सहयोग, सौहार्द और सहभागिता को मजबूत करना था, जो इस वर्ष उल्लेखनीय रूप से सफल रहा। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों की प्रतिस्पर्धात्मक भावना, समर्पण और खेल भावना ने पूरे माहौल को ऊर्जावान बनाए रखा। बड़ी संख्या में उपस्थित दर्शकों ने इस उच्च स्तरीय मुकाबले का आनंद लिया। इस प्रतियोगिता की प्रतिष्ठा और गौरव का प्रतीक
इस बार सिविल टीम ने यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी अपने उत्कृष्ट खेल, सामंजस्य और समर्पण के दम पर जीती। यह जीत सिविल प्रतिभागियों की क्षमता और निरंतर प्रगति का प्रमाण है। यह ट्रॉफी लेफ्टिनेंट जनरल हनुत सिंह जी के अतुलनीय नेतृत्व, अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की स्मृति को समर्पित है। उनका जीवन अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता है। इस ट्रॉफी के माध्यम से युवा खिलाड़ियों को लक्ष्यपूर्ण परिश्रम और उच्च आदर्शों की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा मिलती रहेगी। इस दौरान कर्नल मानवेंद्र सिंह जसोल ने कहा- “यह आयोजन सेना और नागरिक समुदाय के बीच सहयोग व भाईचारे का सुदृढ़ आधार प्रस्तुत करता है। खेल व्यक्तित्व में अनुशासन, समर्पण और टीमवर्क विकसित करते हैं, जो समाज के हर वर्ग के लिए उपयोगी हैं। लेफ्टिनेंट जनरल हनुत सिंह जी का जीवन हमें कर्तव्यनिष्ठा और नेतृत्व के उच्च आदर्शों की ओर प्रेरित करता है। मैं विजेता टीम और सभी प्रतिभागियों को हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ।” उन्होंने आगे कहा कि-“श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल द्वारा प्रदान की गई यह प्रतिष्ठित सिल्वर ट्रॉफी सैन्य और सिविल समाज के बीच सौहार्द व सम्मान को सुदृढ़ करती है। संस्थान द्वारा युवा पीढ़ी को प्रोत्साहित करने का यह प्रयास सराहनीय है। लेफ्टिनेंट जनरल हनुत सिंह जी के जीवन से हमें समर्पण, दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की सीख मिलती है।” उन्होंने आयोजन की अनुकरणीय व्यवस्थाओं और युवाओं की ऊर्जा की भी प्रशंसा की। विशिष्ट अतिथि रावत त्रिभुवन सिंह ने कहा-“जालीपा में आयोजित यह मिलिट्री–सिविल फ्यूजन कार्यक्रम समाज में एकता, सम्मान और सहयोग के संदेश को सुदृढ़ करता है। प्रतिभागियों की खेल भावना और अनुशासन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक है। आयोजन समिति और सैन्य अधिकारियों द्वारा किया गया परिश्रम वास्तव में प्रशंसनीय है।” कुंवर हरिश्चंद्र सिंह जसोल ने कहा-“खेल आत्मविश्वास, धैर्य और नेतृत्व के गुण विकसित करते हैं। जालीपा में जिस उत्साह और सहयोग की भावना देखने को मिली, वह समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संकेत है। श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल द्वारा प्रदान की गई यह सिल्वर ट्रॉफी युवा खिलाड़ियों को उत्कृष्टता की ओर प्रेरित करती है। विजेता टीम ने अत्यंत सराहनीय प्रदर्शन किया है।” उन्होंने यह भी कहा कि-“यह रोटेटिंग ट्रॉफी हमेशा लेफ्टिनेंट जनरल हनुत सिंह जी के जीवन, उनके साहस, कर्तव्यनिष्ठा और प्रेरणादायी नेतृत्व की स्मृति को जीवित रखेगी। यह ट्रॉफी युवा खिलाड़ियों को जीत साथ – साथ, आदर्शों और मूल्यों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।” उन्होंने सभी खिलाड़ियों के प्रयास और दर्शकों के उत्साह की भी सराहना की। कार्यक्रम का समापन
जालीपा मिलिट्री स्टेशन में आयोजित यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता सेना और नागरिक समुदाय के बीच सौहार्द, सम्मान और राष्ट्रीय भावना को और मजबूत बनाने में सफल रही। इस आयोजन ने स्थानीय युवाओं को नई प्रेरणा प्रदान की और सामुदायिक जुड़ाव को सशक्त बनाया। कार्यक्रम के अंत में विजेता टीम को बधाई दी गई तथा सभी प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ प्रेषित की गईं।


