जालोर के युवक की बालोतरा में मिली लाश:हाथ-पैर कटे हुए थे, 5 दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ, कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठे ग्रामीण-परिजन

जालोर के बिशनगढ़ थाना क्षेत्र निवासी बूटाराम का बालोतरा जिले के तेलवाड़ा गांव के जंगल में संदिग्ध हालात में शव मिलने के मामले में पांच दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस कोई खुलासा नहीं कर पाई है। नाराज परिजनों और भील समाज के लोगों ने सोमवार को जालोर कलेक्ट्रेट के सामने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक एसपी स्वयं धरना स्थल पर आकर ज्ञापन नहीं लेते और कार्रवाई का भरोसा नहीं दिलाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। 22 दिसंबर को बकरी चराने गया था युवक, 13 दिन बाद मिला शव परिजनों के अनुसार बूटाराम 22 दिसंबर को खेतों में बकरी चराने और कृषि कार्य के लिए निकला था, लेकिन इसके बाद वह घर नहीं लौटा। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। करीब 13 दिन बाद 8 जनवरी को बालोतरा जिले के तेलवाड़ा सरहद के जंगल में उसका क्षत-विक्षत शव मिला। शव की हालत बेहद भयावह थी। दोनों हाथ-पैर कटे हुए थे, एक हाथ का पंजा अलग पड़ा मिला और शव आंशिक रूप से जला हुआ था। इस घटना के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए बिशनगढ़ थाने में रिपोर्ट दी थी। खेत मालिकों पर हत्या का आरोप प्रार्थी की ऐलाना निवासी मां हजूदेवी पत्नी खेकाराम भील ने बताया कि उनका बेटा पिछले तीन वर्षों से मांगीलाल और तेजाराम चौधरी के खेत में भावली (फसल की हिस्सेदारी) पर काम करता था। आरोप है कि दोनों आरोपी फसल का हिस्सा नहीं दे रहे थे, जिसको लेकर विवाद चल रहा था। हजूदेवी ने आरोप लगाया कि इसी रंजिश के चलते मांगीलाल और तेजाराम ने योजनाबद्ध तरीके से बूटाराम की हत्या कर दी। इसके बाद शव को काटकर ट्रैक्टर से बालोतरा जिले के तेलवाड़ा जंगल में फेंक दिया गया, ताकि अपराध को छुपाया जा सके। शव के पास मिले ट्रैक्टर के निशान, खेत में जूते भी बरामद परिजनों ने बताया कि शव मिलने वाली जगह पर ट्रैक्टर के टायरों के निशान मौजूद थे। अंतिम संस्कार के बाद जब परिजन आरोपियों के खेत पहुंचे तो वहां एक जगह बूटाराम के जूते भी मिले। उस स्थान पर भी ट्रैक्टर के टायरों के निशान पाए गए, जिससे शक और गहरा गया। इन सभी तथ्यों का जिक्र करते हुए परिजनों ने थाने में लिखित रिपोर्ट दी, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। धरने पर बैठे परिजन और समाज के लोग पुलिस की निष्क्रियता से नाराज परिजन और भील समाज के लोग सोमवार सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने एक दिवसीय सांकेतिक धरने पर बैठ गए। दोपहर 2 बजे के बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दिया। धरने का नेतृत्व शिव सेना जिलाध्यक्ष रूपराज राजपुरोहित ने किया। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। एसपी से मौके पर आकर ज्ञापन लेने की मांग प्रदर्शनकारियों की मांग है कि पुलिस अधीक्षक स्वयं धरना स्थल पर आकर ज्ञापन लें और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दें। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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