जालोर बी ग्रामीण क्षेत्र के शेष हिस्से को नवगठित ग्राम पंचायत वीरजी नगर में शामिल करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने राजस्थान सरकार के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने पंचायत पुनर्गठन के दौरान जालोर बी के एक हिस्से को नगर परिषद जालोर में शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई और इसे वापस वीरजी नगर ग्राम पंचायत में जोड़ने की मांग रखी। पूर्व में लैटा पंचायत का हिस्सा था जालोर बी ग्रामीणों ने बताया कि पहले जालोर बी ग्रामीण क्षेत्र पूरी तरह लैटा ग्राम पंचायत में शामिल था। पंचायत पुनर्गठन के दौरान लैटा ग्राम पंचायत का विभाजन कर जालोर बी को वीरजी नगर नाम से नई ग्राम पंचायत का दर्जा दिया गया। इसके बावजूद जालोर बी ग्रामीण क्षेत्र का एक हिस्सा नगर परिषद जालोर में शामिल कर दिया गया, जिसे ग्रामीण गलत मान रहे हैं। नगर परिषद की दूरी ज्यादा, पंचायत पास में ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव से नगर परिषद जालोर की दूरी लगभग 7 किलोमीटर है, जबकि वीरजी नगर ग्राम पंचायत कुछ ही किलोमीटर दूर स्थित है। ऐसे में ग्राम पंचायत से जुड़े प्रमाण पत्र, प्रशासनिक कार्य और विकास योजनाओं का लाभ लेना ग्रामीणों के लिए अधिक सुविधाजनक रहेगा। पहले भी दर्ज कराई जा चुकी हैं आपत्तियां ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि जालोर बी के कुछ हिस्सों को नगर परिषद में शामिल किए जाने को लेकर पहले भी आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं, लेकिन अब तक इस पर कोई समाधान नहीं हुआ। इसी कारण एक बार फिर सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया गया है। इन क्षेत्रों को वीरजी नगर में शामिल करने की मांग ग्रामीणों ने मांग की कि रेलवे लाइन से निचला हिस्सा और सामतिपुरा रोड का पश्चिमी भाग, जिसमें वेरा मेणावाला, रेतड़िया, कुणीवाला, सोलावाला, वडलावाला, धोरावाला, धरड़ा पावटी, मसाणिया, झालरा, कुड़की, वाग, ढिबड़ा, देवरजी वाला, निम्बड़िया, कोसावड़ी, खारसिया सहित जवाई नदी से पहले की सभी ढाणियां शामिल हैं, को वीरजी नगर ग्राम पंचायत में सम्मिलित किया जाए। बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद इस दौरान देवाराम, प्रवीण, डायाराम, शांतिलाल, मिठालाल, वीरमाराम, किस्तुराम, मोहनलाल, कैलाश कुमार, राकेश, अनिल कुमार और रमेश कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और अपनी मांग को जल्द पूरा करने का आग्रह किया।


