जालोर में घना कोहरा और मावठ, विजिबिलिटी 20 मीटर रही:तीन दिन तक बादल-बारिश का अलर्ट, सर्दी से ठिठुरे लोग

जालोर में गुरुवार सुबह से आसमान में बादल छाए रहने के साथ जिलेभर में घना कोहरा छाया रहा। खुले मैदानी इलाकों में विजिबिलिटी घटकर करीब 20 मीटर और जालोर शहर में 10 फीट तक रह गई थी। कम विजिबिलिटी के चलते वाहन चालकों को दिन में ही लाइट जलाकर वाहन चलाने पड़े। नए साल की रात हुई अच्छी बारिश सोमवार रात से मौसम में बदलाव शुरू हो गया था। बुधवार को दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही और धूप नहीं निकली। शाम करीब 4 बजे के बाद रुक-रुक कर बारिश हुई। नए साल की रात जिले के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे कुछ निजी होटलों में आयोजित कार्यक्रम स्थगित करने पड़े। सुबह 9 बजे तक घरों में दुबके रहे लोग गुरुवार सुबह घना कोहरा छाने से जनजीवन प्रभावित रहा। लोग सुबह 9 बजे तक घरों में ही दुबके रहे। जरूरी काम से बाहर निकले लोग ऊनी कपड़ों में नजर आए। कोहरे और ठंड के चलते सड़कों पर वाहनों की रफ्तार भी धीमी रही। पश्चिमी विक्षोभ का असर, कई इलाकों में बारिश कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जालोर सहित पश्चिमी राजस्थान में मौसम बदला। सायला, चितलवाना, सांचौर, बागरा, बागोड़ा, भीनमाल और रानीवाड़ा क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। इस दौरान करीब 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलीं, जिससे ठिठुरन बढ़ गई। बादल छाए रहने से तापमान में बदलाव दर्ज किया गया। बुधवार को रात का न्यूनतम तापमान बढ़कर 10.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि दिन का अधिकतम तापमान 25.8 डिग्री दर्ज किया गया। दिन के तापमान में हल्की गिरावट से ठंड का एहसास बना रहा। तीन दिन तक ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम विशेषज्ञ भूपेंद्र सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से जालोर में अगले तीन दिन तक बादल छाए रहने की संभावना है। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है और ठंड से राहत के आसार कम हैं। जालोर में ऐसा रहा 7 दिन का तापमान

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