जावेद अख्तर बोले – धर्मेंद्र ने मुझसे माफी मांगी थी:बताया- मैं असिस्टेंट था, फिर भी धरम जी ने गलती पर डांटा नहीं

हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र (89) का सोमवार सुबह जुहू स्थित उनके घर में निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ थे और उनका इलाज चल रहा था। सोमवार दोपहर को मुंबई के पवन हंस श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। फिल्म शोले धर्मेंद्र के करियर की सबसे हिट फिल्मों में से एक रही है। इस फिल्म को सलीम-जावेद ने लिखा था। धर्मेंद्र के निधन के बाद सलीम-जावेद की जोड़ी के जावेद अख्तर ने दैनिक भास्कर से बातचीत में दुख जताया और उनके साथ जुड़ी यादें शेयर कीं। फिल्म राइटर जावेद अख्तर ने धर्मेंद्र को लेकर बताया कि धर्मेंद्र जी से पहली मुलाकात फिल्म ‘यकीन’ के दौरान हुई। एक दिन मैं डायरेक्टर बृज और प्रोड्यूसर देवेंद्र वर्मा के साथ फिल्मिस्तान पहुंचा। वहां साधना और धर्मेंद्र ‘ये दिल दीवाना है’ की शूटिंग कर रहे थे। मैं 175 रुपए महीने कमाने वाला असिस्टेंट था, लेकिन इतने बड़े स्टार ने मुझ जैसे नए लड़के से जिस आत्मीयता से बात की, वह आज तक याद है। मुंबई में उनका घर हमेशा खुला रहता था- जैसे पंजाब का कोई पिंड, जहां गांव की मिट्टी सांस ले रही हो। जावेद अख्तर ने आगे बताया कि वे उस अपनेपन का पुल थे, जिसके सहारे पूरी फिल्म इंडस्ट्री परिवार जैसी लगती थी। उन्हें उर्दू और शायरी से मोहब्बत थी। पर्दे के ही-मैन धर्मेंद्र शायराना मिजाज के थे। उन्हीं का शेर है, जो जीवन के सच को दो लाइनों में बता देता है- सब कुछ पाकर भी हासिल-ए-जिंदगी कुछ भी नहीं, मैंने देखे हैं एक से एक सिकंदर खाली हाथ जाते हुए। धर्मेंद्र के व्यक्तित्व को लेकर जावेद ने बताया कि धर्मेंद्र जी का व्यक्तित्व हमेशा दो परतों में दिखता था-ऊपर से सख्त, भीतर से बेहद नरम। एक बार वे एक फिल्म में डबल रोल कर रहे थे। एक सीन में ब्लू कॉन्टैक्ट लेंस की वजह से तकलीफ में थे। मैंने उन्हें डायलॉग का गलत पन्ना दे दिया। वे इतना नाराज हुए कि झुंझलाहट में कागज फेंक दिए। मुझे लगा अब डांट ही मिलेगी, लेकिन थोड़ी देर बाद उन्होंने मेकअप रूम में बुलाया और माफी मांगी। उर्दू के दीवाने थे धर्मेंद्र
जावेद अख्तर ने बताया कि धर्मेंद्र को उर्दू भाषा और शायरी से गहरा प्रेम था। उन्होंने कहा, “वो अपने डायलॉग उर्दू में पढ़ते और लिखते थे। शायरी के बेहद शौकीन थे। जब मेरी किताब प्रकाशित हुई थी, तो उन्होंने शबाना से उसका ऑटोग्राफ लेकर रख लिया था। उन्हें उर्दू अदब और कविता से गहरा लगाव था। धरम जी खुद भी अक्सर गजलें सुनाया करते थे।” (जैसा अरविंद मंडलोई को बताया) धर्मेंद्र से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें धर्मेंद्र फैमिली ट्री:बॉलीवुड ही नहीं राजनीति में भी देओल परिवार का दबदबा, बेटे सनी-बॉबी से अमीर भतीजे अभय देओल; बेटी ईशा ने तोड़ी परंपरा भारतीय सिनेमा के सबसे चर्चित अभिनेताओं में एक धर्मेंद्र को मोस्ट हैंडसम का तमगा मिला। मिडिल क्लास पंजाबी जाट परिवार से आने वाले धर्मेंद्र ने खेत-खलिहान से निकल कर बॉक्स ऑफिस की सफलता देखी। पूरी खबर यहां पढ़ें… शोले’ की शूटिंग में 50km पैदल चलकर पहुंचे थे धर्मेंद्र:डायरेक्टर रमेश सिप्पी ने शेयर किए धर्मेंद्र के किस्से हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र (89) का सोमवार सुबह जुहू स्थित उनके घर में निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ थे और उनका इलाज चल रहा था। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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