मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना में प्रदेश स्तर पर लाखाें के घोटाले सामने आए हैं, जिनका एआई सॉफ्टवेयर से पुराने मामले खंगालने के बाद अब खुलासा हुआ है। अब विभाग ने ऐसे मामलों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की है। जिंदा लोगों के नाम लिए गए मौत के क्लेम के ये घोटाले ईमित्र व लाभार्थियों की मिलीभगत से किए गए हैं। जिनमें एक जने की दुर्घटना में मौत होने पर उसके आश्रित को योजना के तहत 5 लाख रुपए का भुगतान हो गया। उसके बाद उसी मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट व पुलिस कार्रवाई रिपोर्ट के दस्तावेजों से दूसरे अन्य व्यक्ति ने भी अपने जनाधार में मृतक का नाम जुड़वाकर योजना के तहत 5 लाख रुपए का भुगतान उठा लिया। इस प्रकार एक जने की मौत पर योजना के तहत दोहरे भुगतान हो गए। अकेले भरतपुर में ही चार मामलों में अब परियोजना निदेशालय जयपुर के निर्देश पर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। वहीं एक मामले में तो फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट व पुलिस कार्रवाई रिपोर्ट भी फर्जी बनाकर योजना के तहत आवेदन कर दिया, जिसके पकड़े जाने पर जयपुर निदेशालय के निर्देश पर आवेदन करने वाले के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है। केस-1 लुधवाड़ा निवासी मुन्नी देवी ने अपने जनाधार से मृतक राजकुमारी पत्नी वीरेंद्र सिंह को पुत्र-वधू बताकर रेल दुर्घटना में 14 जून 2023 को मृत्यु होना बताया। उद्योग नगर थाना की कार्रवाई रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट व मृत्यु प्रमाण के आधार पर 5 लाख रुपए का भुगतान उठा लिया। नियमानुसार आत्महत्या के मामलों में योजना का लाभ नहीं मिलता है। जिसकी आजतक कोई जांच भी नहीं हुई है। दस्तावेजों से वार्ड संख्या 15 भरतपुर निवासी आरती ने अपने जनाधार में मृतका राजकुमारी को अपनी पुत्र-वधू बता हुए रेल दुर्घटना में 14 जून 2023 को मृत्यु बताकर 5 लाख रुपए 7 अगस्त 2023 के आदेशानुसार उठा लिए। केस-2 मृतक को दो महिलाओं ने अपना पति बताकर उठा ली क्लेम राशि
पिचूना उच्चैन भरतपुर निवासी कैला देवी ने मृतक हरेती पुत्र मेघराम को अपना पति बताकर सड़क दुर्घटना में 7 जुलाई 2023 को मृत्यु बताकर सेवर थाना की एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आवेदन करके 5 लाख रुपए का भुगतान ले लिया। इन्हीं दस्तावेजों से अजान कुम्हेर की रामकली ने अपने जनाधार में मृतक हरेती पुत्र मेघराज का नाम जोड़कर अपना पति बताते हुए 5 लाख रुपए का भुगतान 13 अगस्त 2023 के आदेशानुसार उठा लिया। अब सवाल ये है कि मृतक किस लाभार्थी का पति है। केस-3 मृतक एक और दो जनों ने पुत्र व दामाद बता उठाए 5-5 लाख रुपए
शेरपुर सूरौठ हिंडौन करौली निवासी वीरवती ने मृतक विष्णु को अपना पुत्र बता सड़क दुर्घटना में 20 मार्च 2023 को मृत्यु होने पर सेवर थाना की एफआईआर व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आवेदन कर 5 लाख रुपए का भुगतान ले लिया। इसके बाद इन्हीं दस्तावेजों से बहनेरा सेवर निवासी ओमप्रकाशी ने जनाधार से विष्णु को अपना दामाद बताते हुए 5 लाख रुपए का भुगतान 27 मई 2023 के आदेशानुसार उठा लिया। अब सवाल ये है कि मृतक विष्णु किस लाभार्थी का पुत्र या दामाद है। केस-4 पूरे साल में दर्ज हुईं 19 मौतें, फर्जी रिपोर्ट में 61वां नंबर
वैर के वार्ड 15 निवासी किशोरीलाल पुत्र कंचन सिंह सैनी का न पोस्टमार्टम हुआ और न ही वैर थाना पुलिस ने कोई मामला दर्ज किया। जबकि पारोदेवी पत्नी किशोरीलाल सैनी ने फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट व 19 नवंबर 2024 को 61 नंबर की मृतक की थाने में दर्ज कार्रवाई रिपोर्ट के दस्तावेजों के आधार पर परियोजना निदेशक जयपुर को ऑनलाइन ईमित्र के जरिए आवेदन कर दिया। फिर जांच के दौरान वैर एसएचओ ने लिखा कि वर्ष 2024 में तो कुल 19 जनों की ही मौत के मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें किशोरीलाल पुत्र कंचन सिंह सैनी के नाम से कोई भी मामला दर्ज नहीं है। वहीं उक्त फर्जी पुलिस कार्रवाई रिपोर्ट में जांचकर्ता का नाम प्रेम सिंह भास्कर उपनिरीक्षक भी बताया है, जबकि वह उस दौरान थाने पर पदस्थापित ही नहीं था। एसपी को भेजी रिपोर्ट “किशोरीलाल सैनी की सड़क दुर्घटना में मौत के फर्जी दस्तावेजों से आवेदन करने पर परियोजना निदेशक जयपुर के निर्देश पर वैर थाना में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है, जबकि अन्य तीन मामलों की तहरीर रिपोर्ट भी एसपी को लिखकर 17 अप्रैल को भेज दी है और जल्दी ही दर्ज होगी।”
-गौरव कुमार, संयुक्त निदेशक, राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग भरतपुर “मैंने 28 सितंबर 2023 को ज्वाइनिंग के बाद मामलों की जांच कराई। एआई से पुराने फर्जी भुगतान के मामलों का पता चला है। कानूनी कार्रवाई से पहले ऐसे मामलों का वेरिफिकेशन कराने व रिकवरी के नोटिस देने आदि में समय लगा। अब रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। भरतपुर में 4 मामले फर्जी मिले हैं, जिनमें एक में पहले पता चलने पर भुगतान रोककर रिपोर्ट करवाई है, बाकी 3 में रिपोर्ट दर्ज कराएंगे।”
-सुरेश मीणा, पीडी, मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना, जयपुर


