जिंसी में बना करीब 35 करोड़ रुपए की लागत वाला जीरो वेस्ट मॉडर्न स्लॉटर हाउस आखिरकार शुरू तो हो गया, लेकिन इसमें अभी पुराने स्लाटर हाउस जितने ही एनीमल की स्लॉटिंग हो रहे हैं। यानी अब भी सिर्फ 150 बड़े एनीमल की स्लॉटिंग हो पा रही है, जबकि करीब 800 बकरे अब भी दुकानों में अवैध रूप से काटे जा रहे हैं। यानी जिस उद्देश्य से इसे बनाया गया था, वह अभी पूरी तरह जमीन पर उतरता नहीं दिख रहा। थोड़ी राहत यह है कि अब पुराने स्लाटर हाउस में स्लॉटिंग के बाद आने वाला वेस्ट बंद हो गया है। नगर निगम व निजी कंपनी के बीच पीपीपी मोड पर बने इस स्लॉटर हाउस की फाइल एक साल से अटकी थी। 5 महीने से कन्सर्न टू ऑपरेट की फाइल शासन स्तर पर अटकी हुई थी। वहां से मंजूरी के बाद एमआईसी ने अक्टूबर को मंजूरी दे दी थी। 8 दिसंबर से इसे गुपचुप चालू कर दिया गया। शुरू में सिर्फ बड़े जानवरों की स्लॉटिंग हुई, जबकि शहर में रोज कटने वाले सैकड़ों बकरे-बकरियों की व्यवस्था अब भी पूरी तरह शिफ्ट नहीं हो पाई है। नगर निगम की योजना और सुप्रीम कोर्ट, एनजीटी के निर्देशों के अनुसार ये होना था अभी बड़े एनिमल की स्लॉटिंग हो रही
स्लॉटर हाउस को 8 दिसंबर से शुरू कर दिया गया है। अभी बड़े एनिमल की स्लॉटिंग हो रही है। दुकानों में स्लॉटिंग की अनुमति नहीं है, सभी को स्लॉटर हाउस ही आना चाहिए। – असलम कुरैशी, डायरेक्टर, लाइवस्टॉक फूड प्रोसेसर्स अवैध स्लॉटिंग पर सख्ती की जाएगी
एमआईसी की मंजूरी के साथ स्लॉटर हाउस शुरू हो गया है। अवैध स्लॉटिंग पर सख्ती की जाएगी। – संस्कृति जैन, आयुक्त, नगर निगम भोपाल


