जियो और जीने दो के आधार पर दुखों से बचा जा सकता है : गुरु महाराज

जैन समुदाय के वर्तमान गच्छाधिपति श्रुत भास्कर जैनाचार्य श्रीमद् विजय धर्मधुरंधर सूरीश्वर जी महाराज की पावन निश्रा में मानवाला कलां में संक्रांति पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया गया।। गुलशन जैन प्रधान संक्रांति मण्डल पंजाब ने बताया कि गुरु महाराज जी ने अपने मुखारविंद से संक्रांति महीने का नाम सुनाया। नवकार मंत्र का भी जाप किया गया। जैन ने बताया कि आचार्य धर्मधुरंधर सुरीश्वर जी महाराज ने श्री लालबाग मांजलपुर वडोदरा गुजरात श्री संघ की आगामी चातुर्मास की भाव भरी विनंती को स्वीकार करते हुए तथा पूज्य गुरुदेव श्री चंद्रोदय विजय जी महाराज के उपकारों को याद करते हुए चतुरमास श्री लालबाग मांजलपुर वडोदरा (गुजरात) में स्वीकृति प्रदान की। गुरु महाराज जी ने प्रवचनों में कहा कि ऐसा मन बनाओ के किसी को भी दुख भरी बात न कही जाए। उन्होंने कहा के जियो और जीने दो के वाक्य के अनुसार जीवन व्यतीत करो तो दुखों से दूर रहोगे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *