कांग्रेस के संगठन सर्जन अभियान के तहत जिलाध्यक्ष नियुक्ति के लिए आज से ऑब्जर्वर सुखदेव पांसे सीकर दौरे पर हैं। पांसे पहले मध्य प्रदेश में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। आज उन्होंने सीकर में सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जहां उन्होंने कहा कि जिलाध्यक्ष नियुक्ति को लेकर कार्यकर्ताओं से बंद कमरे में भी चर्चा की जाएगी। वहीं उन्होंने कहा कि राजस्थान में सरकार निर्वाचित हुए जनप्रतिनिधियों से नहीं,अधिकारियों से चल रही है। बता दें कि पांसे अब जिले के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र में जाकर पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से चर्चा करेंगे। सुखदेव पांसे ने कहा कि जिलाध्यक्ष की नियुक्ति का रोडमैप यह रहेगा कि बूथ मंडल सेक्टर के जो कार्यकर्ता हैं,जो वरिष्ठ जनप्रतिनिधि है उनसे बातचीत की जाएगी। इसके अलावा तमाम विधानसभा क्षेत्र में जाकर भी पार्टी के नेताओं से बातचीत करेंगे। सर्वसम्मति से जो भी नाम तय होंगे,वह आलाकमान कमान को भेजे जाएंगे। पांसे ने कहा कि पार्टी के स्थानीय नेताओं,जनप्रतिनिधि आदि की सामूहिक बैठक लेंगे और व्यक्तिगत चर्चा भी करेंगे। इसके अलावा सिविल सोसाइटी के लोगों से भी चर्चा की जाएगी। पांसे ने कहा कि संगठन में नए लोगों की नियुक्ति करना एक सतत प्रक्रिया है।इससे संगठन को भी मजबूती मिलती है। यदि संगठन बूथ लेवल तक मजबूत है तो केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश नेतृत्व से मिलने वाले निर्देश बूथ स्तर तक लागू हो सकते हैं। ग्राम पंचायत कांग्रेस कमेटी का गठन होगा,ब्लॉक मंडल सेक्टर का गठन होगा। AICC और PCC के द्वारा जो कार्यक्रम जारी होंगे वह गांव में भी करवाए जाएंगे। सर्वसम्मति से जिलाध्यक्ष चुने जाने की बात पर पांसे ने कहा कि इससे अच्छी लोकतांत्रिक प्रक्रिया क्या हो सकती है कि सभी से राय लेकर जिलाध्यक्ष की नियुक्ति हो। बंद कमरे में भी कार्यकर्ता से बातचीत करके राय ली जाएगी। पांसे ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार भ्रष्टाचार कर रही है। राजस्थान की निकम्मी सरकार निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की न सुनते हुए,अधिकारियों से चल रही है। यहां भारतीय जनता पार्टी के विधायकों की ही सुनवाई नहीं हो रही है। राजस्थान में कानून व्यवस्था डगमगा चुकी है।


