जिलाध्यक्ष बोले- बीजेपी कन्फ्यूज है खुशी जाहिर करें या दुख:कहा- बाड़मेर और बालोतरा की सीमाएं बैकडेट में बदली; कांग्रेस की कार्यशाला संपन्न

कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए एक दिवसीय ब्लॉक और मंडल अध्यक्षों की कार्यशाला का आयोजन करवाया गया। ट्रेनर सीताराम लांबा और मीनाक्षी जैदी ने अध्यक्षों को संगठन को मजबूत करने के टिप्स दिए गए हैं। जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा ने बताया- जयपुर से आए ट्रेनरों ने मंडल व ब्लॉक अध्यक्षों को टिप्स दिए गए हैं। बाड़मेर और बालोतरा जिले की सीमाओं में फेरबदल के बाद बीजेपी के लोग कन्फ्यूज है खुशी जाहिर करें या दुख..। दरअसल, बाड़मेर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से आयोजित एकदिवसीय कार्यशाला में ब्लॉक अध्यक्षों और मंडल अध्यक्षों को विशेष ट्रेनिंग दी गई। यह कार्यशाला पार्टी की नीतियों, कार्यप्रणाली और वर्तमान राजनीतिक मुद्दों पर केंद्रित रही, जिसमें कार्यकर्ताओं की भूमिका और जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यशाला का आयोजन बाड़मेर जिलाध्यक्ष लक्ष्मण गोदारा के नेतृत्व में किया गया। इसमें बायतु विधायक हरीश चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष पदमाराम मेघवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष समेत जिलाध्यक्ष शामिल हुए। जिलाध्यक्ष ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करती हैं और आगामी चुनावों के लिए पार्टी को तैयार करती हैं। प्रशिक्षण सत्र में प्रदेश कांग्रेस कमेटी और इंडियन कांग्रेस कमेटी से आए पदाधिकारियों ने मुख्य भूमिका निभाई। ट्रेनर के रूप में सीताराम लंबा और मीनाक्षी जैदी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कांग्रेस की नीतियों, संगठनात्मक तौर-तरीकों और विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर विस्तृत ट्रेनिंग दी। विशेष रूप से कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भूमिका और उनकी जिम्मेदारियों पर गहन व्याख्यान दिए गए, जिसमें बूथ स्तर पर सक्रियता, मतदाता संपर्क और पार्टी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। बीजेपी के लोग भी कन्फ्यूज है खुशी या दुख जाहिर करें बाड़मेर और बालोतरा सीमाओं में फेरबदल के सवाल पर जिलाध्यक्ष ने कहा- ऐसे निर्णय मे समय लेना चाहिए। आनन-फानन में जो निर्णय लिया गया है वो राजनीति निर्णय है। जान बुझकर किया गया है इससे एक कम्यूनिटी और पार्टी को टारगेट किया गया है। यह सही नहीं है। इसमें भाजपा के लोग भी निराश है उन्होंने अभी तक उन्होंने न तो खुशी जाहिर की और ना ही दुख जाहिर किया है। वो खुद नहीं समझ पा रहे है यह कैसे हो गया। 31 दिसंबर तक सीमाओं लॉक हो गई थी। फिर सरकार ने बैक डेट में निर्णय लिया है। एक तरह से बाड़मेर और बालोतरा की जनता के साथ कुठाराघात है। मेरा प्रयास है कि सबको साथ लेकर चलूं नाराज नेताओं के सवाल पर जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा ने कहा- आज की कार्यशाला मंडल और ब्लॉक अध्यक्षों की थी। इसके अलावा सबको सूचना दे दी थी। जो यहां पर थे वो लोग आ गए है। आज की कार्यशाला में सभी लोग आए यह जरूरी नहीं था। उनकी इच्छानुसार थाा। नाराज नेताओं को लेकर क्या प्रयास किए जा रहे है इस सवाल पर जिलाध्यक्ष ने कहा- मेरा प्रयास पहले दिन से यही है कि सबको साथ लेकर चलूं। कुछ लोग नहीं आ रहे क्यूं नहीं आ रहे है, कहां पर व्यस्त है । आप उनसे ही पूछे तो पता चलेगा। मैं मेरी तरफ से पूरा प्रयास कर रहा हूं। कांग्रेस के प्रोग्राम में सब को याद करता हूं।

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