जिला अस्पताल में ओपीडी 3 हजार तक पहुंची, 30% खांसी-जुकाम के मरीज

भास्कर संवाददाता | टोंक जिले में सर्दी में बढ़ोतरी होने के साथ ही सआदत अस्पताल में मरीजों के आंकड़े में इजाफा हुआ है। हालांकि अधिकतर मरीज सामान्य खांसी व जुकाम के सामने आ रहे हैं। बावजूद सआदत अस्पताल के ओपीडी का आंकड़ा इन दिनों करीब 3 हजार के आसपास चल रहा है। सर्दी शुरू होने के शुरुआती दिनों में सर्दी-जुकाम के रोगी बढ़ रहे थे, लेकिन अब तेज खांसी के रोगी लगातार सामने आ रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में 30 फीसदी रोगी खांसी व जुकाम के आ रहे हैं। बच्चों के साथ साथ तेज खांसी अब बड़ों में भी देखने को मिल रही है। शुरुआत में ये खांसी हल्की होती है, फिर बढ़ती जाती है, साथ में गले में कफ और खराश की शिकायतें भी बढ़ जाती हैं। इसे ठीक होने में भी अधिक समय लग रहा है। मरीजों का कहना है कि वायरस 20 दिन तक का समय ले रही है। चिकित्साकर्मियों कहना है कि जरा सी ठंडी हवा के बाद ये वायरस सक्रिय हो जाता है। अगर ज्यादा गंभीर मामला नहीं है तो एंटीबायोटिक लेने से बचना चाहिए। उल्लेखनीय है कि बदले मौसम व प्रदूषण ने लोगों की सेहत पर विपरीत असर डाला है। खांसी, जुकाम, बुखार के साथ साथ श्वांस व अस्थमा के रोगियों में इजाफा हुआ है। यहीं कारण है कि इन दिनों अस्पतालों में ओपीडी बढ़ी है। सआदत अस्पताल में रोजाना करीब 3 हजार मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें करीब 30 प्रतिशत मरीज सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण से पीड़ित हैं। टोंक। सआदत अस्पताल में जांच रिपोर्ट लेने आए मरीज व परिजन। ठंडी चीजों के सेवन से बचे, मास्क लगाकर रहें अस्थमा व खांसी के रोगियों को मास्क लगाकर रहना चाहिए। इसके साथ ही उबला हुआ व गुनगुना पानी पीएं, ताजे फल और हरी सब्जियों का सेवन करें। बच्चों और बुजुर्गों को ठंडी हवा और धूल से बचाएं। जिन लोगों को एलर्जी या अस्थमा की समस्या है, वे सुबह-शाम बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करें। उन्होंने सलाह दी कि हल्की सर्दी-जुकाम को नजरअंदाज न करें। जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय परामर्श जरूर लें। इस मौसम में एहतियात इलाज से बेहतर साबित होती है। – डॉ. हनुमान प्रसाद बैरवा, पीएमओ टोंक।

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