जिला अस्पताल में बाहरी गाड़ियां देख कलेक्टर नाराज:सुरक्षाकर्मियों से बोले- मरीज के परिजन के अलावा यहां कोई नहीं दिखना चाहिए

बालाघाट के कलेक्टर मृणाल मीणा ने मंगलवार शाम 7 बजे जिला अस्पताल का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की अलग-अलग व्यवस्थाओं को देखा और खामियां मिलने पर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। निरीक्षण के समय सीएमएचओ डॉ. परेश उपलप और सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन भी मौजूद रहे। कलेक्टर ने सबसे पहले पैथोलॉजी लैब का जायजा लिया। जब उन्हें पता चला कि आउटसोर्स कंपनी स्टाफ नहीं बढ़ा रही है, तो उन्होंने तुरंत मुख्यालय को इसकी जानकारी देने को कहा। उन्होंने ब्लड बैंक में भी तकनीकी रूप से कुशल कर्मचारी तैनात करने के निर्देश दिए। एक्स-रे कक्ष के निरीक्षण में बताया गया कि अब नई मशीन और फोटो पेपर का इस्तेमाल होने से मरीजों को रिपोर्ट मिलने में आसानी हो रही है। रसोई में सफाई और मरीजों के खाने पर जोर कलेक्टर ने अस्पताल की रसोई का भी निरीक्षण किया। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि मरीजों को मेन्यू के हिसाब से ही खाना दिया जाए और रसोई में साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाए। इसके बाद उन्होंने इमरजेंसी वार्ड का भी दौरा किया और वहां आपातकालीन मरीजों के इलाज की सुविधाओं को परखा। लापरवाही पर एक्शन: स्टैंड संचालक की राशि काटने के निर्देश निरीक्षण के दौरान ट्रामा सेंटर और प्रसूति वार्ड के बाहर बाहरी गाड़ियां खड़ी देख कलेक्टर नाराज हो गए। उन्होंने सुरक्षा गार्डों को हिदायत दी कि परिसर में मरीजों के परिजन के अलावा कोई बाहरी व्यक्ति नहीं दिखना चाहिए। लापरवाही के चलते उन्होंने स्टैंड संचालक की एक दिन की राशि काटने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि एम्बुलेंस और अन्य वाहन केवल तय जगहों पर ही खड़े हों। खराब ड्रेनेज सिस्टम और टॉयलेट को ठीक करने का अल्टीमेटम अस्पताल के टॉयलेट से पानी का रिसाव और खुले टैंक देखकर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने 31 दिसंबर से ही ड्रेनेज सिस्टम ठीक करने का काम शुरू करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि टॉयलेट की सीट बदली जाए, नई पाइपलाइन डाली जाए और नालियों को ढक्कन से बंद किया जाए। साथ ही बाउंड्रीवॉल की पुताई कर अस्पताल को नया रूप देने के निर्देश दिए। प्रसूति वार्ड के लिए विशेष निर्देश प्रसूति वार्ड के निरीक्षण में कलेक्टर ने 8 तरह के डस्टबिन लगाने और भर्ती महिलाओं की फाइल में डॉक्टर की सलाह की रोज एंट्री करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि गर्भवती महिलाओं के साथ आने वाले परिजन की ठीक से काउंसलिंग की जाए, ताकि उन्हें मरीज की सेहत के बारे में सही जानकारी मिलती रहे।

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