उज्जैन के जिला अस्पताल के चरक भवन में भर्ती मरीजों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। मरीजों का कहना है कि उन्हें पतली दाल, जली हुई रोटियां और पानी मिला दूध परोसा जा रहा है। मरीजों की शिकायत है कि सुबह जो दूध दिया जाता है, उसमें दूध कम और पानी ज्यादा होता है। वहीं दोपहर के खाने में दाल के नाम पर सिर्फ पानी होता है और रोटियां भी जली हुई मिलती हैं। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। बताया जा रहा है कि यह भोजन शासन की योजना के तहत ठेके के माध्यम से तैयार किया जाता है। चरक भवन के पास ही खाना बनाया जाता है, जिसे चरक भवन और माधवनगर अस्पताल दोनों जगह के मरीजों को दिया जाता है। माधवनगर अस्पताल के प्रभारी डॉ. विक्रम रघुवंशी ने भी भोजन और दूध की गुणवत्ता को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया है। सीएमएचओ डॉ. अशोक पटेल ने बताया कि पहले भी ऐसी शिकायतें आई थीं, तब ठेकेदार को चेतावनी दी गई थी। अब दोबारा शिकायतें मिलने पर एक आकस्मिक निरीक्षण टीम बनाई गई है। जांच में अगर लापरवाही सामने आई, तो ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


