दौसा जिला अस्पताल की इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मरीजों के आक्सीजन व कार्बन डाईआक्साइड के स्तर की जांच करना अब आसान होगा। इसके लिए भाजपा नेता जगमोहन मीणा व पीएमओ डॉ. आरके मीणा ने आर्ट्रियल ब्लड गैस (एबीजी) मशीन का फीता काटकर उद्घाटन किया। एबीजी मशीन की जांच रिपोर्ट के आधार पर मरीज को आईसीयू में भर्ती कर तत्काल इलाज शुरू करना संभव होगा। दौसा जिला अस्पताल में नहीं थी एबीजी मशीन पहले दौसा में एबीजी मशीन नहीं थी, तब गंभीर मरीजों को रेफर करना पड़ता था। मरीजों की सुविधा के लिए इमरजेंसी में एक वेंटिलेटर भी लगाया है। करीब ढाई लाख की मशीन को इमरजेंसी में लगाया है। एबीजी टेस्ट खून में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर को मापने वाला एक रक्त परीक्षण है। यह टेस्ट, खून की अम्लतास पीएच को भी मापता है। इससे यह पता चलता है कि आपके फेफड़े किस तरह से काम कर रहे हैं। जिन्हें सांस लेने में दिक्कत, उनके लिए टेस्ट जरूरी इस टेस्ट की जरूरत उन मरीजों को पड़ती है, जिन्हें सांस लेने में तकलीफ, असामान्य रूप से थकान, भ्रमित या विचलित महसूस होना, लगातार उल्टी या मतली की समस्या, सदमे में होना, कार्बन मोनोऑक्साइड, श्वास नलिका में जलन, फेफड़ों की बीमारी व धूम्रपान से संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं। इस टेस्ट के लिए कलाई की धमनी (रेडियल धमनी) में से खून का नमूना लिया जाता है। उसके कुछ मिनट बाद ही नमूने की एबीजी मशीन से रिपोर्ट मिल जाती है।


