जिले में मकर संक्रांति पर्व के दौरान पतंगबाजी को लेकर जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। जिला कलेक्टर ने धातु निर्मित, सिंथेटिक और प्लास्टिक यानी चाइनीज मांझे के उपयोग और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला लोक स्वास्थ्य, विद्युत सुरक्षा और पक्षियों की रक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। जिला कलेक्टर कमर चौधरी के आदेश के अनुसार पक्षियों की उड़ान सुनिश्चित करने के लिए सुबह 6 से 8 बजे तक और शाम 5 से 7 बजे तक पतंगबाजी प्रतिबंधित रहेगी। इन समयावधियों में पतंग उड़ाने पर रोक का सख्ती से पालन कराया जाएगा। जिला कलेक्टर ने बताया कि चाइनीज मांझा बेहद धारदार होता है और विद्युत का सुचालक भी है। इस वजह से बच्चों, दोपहिया वाहन चालकों और पक्षियों को गंभीर चोट लगने का खतरा बना रहता है। कई मामलों में यह मांझा बिजली के तारों के संपर्क में आने से न सिर्फ पतंग उड़ाने वालों के लिए खतरनाक साबित होता है, बल्कि विद्युत आपूर्ति में भी बाधा उत्पन्न कर सकता है।


