प्रस्तावित मेडिकल काॅलेज के निर्माण को लेकर जनता उत्साहित
जिला मुख्यालय के समीप हो निर्माण-किसान सभा की मांग
अनूपपुर। अखिल भारतीय किसान सभा जिला परिषद अनूपपुर के सचिव हीरा लाल राठौर ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री राजेन्द्र शुक्ल को दिए अपने पत्र में मेडिकल काॅलेज की स्थापना जिला मुख्यालय के करीब करने की गुजारिश की है। ज्ञात हो कि अमरकंटक स्थित आईजीएनटीयू के माध्यम से जिला मुख्यालय में बनने वाला मेडिकल काॅलेज अनूपपुर नगर के समीप बनाया जाना प्रस्तावित है। किंतु अभी जिला प्रशासन ने जिस स्थान पर काॅलेज का निर्माण के भूमि का चयन किया है। वह अनूपपुर से 30-40 किलो मीटर की दूरी पर स्थित है। यह जनहितैषी फैसला नही है और न हि लोकहित का दृष्टिगत करते हुए यह फैसला लिया गया है। अनूपपुर जिला मूल रूप से आदिवासी बाहुल्य पिछड़ा जिला है। अंचल में स्वास्थ्य सुविधाओं का भारी अभाव है। मेडिकल काॅलेज खोले जाने का प्रस्ताव काफी लम्बे अरसे से विचाराधीन है। सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले ग्रामीण चिकित्सा सुविधाओं को प्राप्त करने के लिए पहले अनूपपुर बाद में अनूपपुर से कदमटोला तक 30-40 किलो मीटर की यात्रा करेगा। जो कि ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। साथ ही ग्रामीण मानसिक व आर्थिक रूप से परेशान होंगे।
क्रिटिकल व गंभीर हालत के मरीजों को दूरी के कारण तत्काल उपचार दे पाना संभव नहीं हो सकता है। मरीज की तीमारदारी लगे लोग कोतमा अथवा अनूपपुर में अस्थाई व्यवस्था बनाकर किस तरह मरीज की सेवा कर पायेंगे यह एक बड़ा सवाल है। आईजीएनटीयू के माध्यम से बनने वाला मेडिकल काॅलेज का संरक्षक जिला अस्पताल अनूपपुर है। 200 बिस्तर वाला जिला अस्पताल का लोकार्पण हो चुका है। अब ऐसे में आवश्यक दिशा निर्देश देकर पैरामेडिकल के स्टाॅफ की नियुक्ति तत्काल करके स्वास्थ्य सेवाएं बहाल की जानी चाहिए। विशेषज्ञ डाॅक्टर की एसईसीएल के आवासों में रहने की तत्कालिक व्यवस्था हो। ऐसा किए जाने आदिवासी जिले के लोगों बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। हीरालाल राठौर ने स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल अपील की है कि प्रस्तावित निर्माण स्थल कदमटोला पर पुर्नविचार करते हुए मेडिकल काॅलेज शहर से 5 से 10 किलो मीटर की परिधी में निर्माण प्रस्तावित किया जाए। जिससे लोगों को सुविधा मिले एवं आवाजाही अधिक पैसे खर्च न करना पड़े। लोकहित में इस तरह का फैसला लिया नितांत आवश्यक है।
विकास मंच ने रखा अपना पक्ष
अनूपपुर विकास मंच के वासुदेव चटर्जी ने आर्यावर्त समाचार पत्र से चर्चा करते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं के न होने पर किस तरह से हमने अपने शीर्ष नेताओं को खोया है बताया। उन्होेंने कहा कि चिकित्सा सुविधा के अभाव में हमने बहुत कुछ खोया है। अपने क्षेत्र के दो सांसद राजेश नंदिनी और दलपत सिंह परस्ते जैसे योग्य और जुझारू सांसद हमने खोया दिया है। बताते चलें कि उस दौर में इस संसदीय क्षेत्र में कोई बड़ा अस्पताल नहीं था, इसके अतिरिक्त सोहागपुर क्षेत्र के विधायक लल्लू सिंह को भी हमने खोया है कारण उस वक्त इस क्षेत्र में सर्वसुविधा युक्त अस्पताल नही था। उल्लेखनीय है कि उस समय एक दुर्घटना में लल्लू सिंह और नरेन्द्र सिंह मरावी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। समय रहते तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रयासों से घायलों हेलीकाॅप्टर से लिफ्ट कर दिल्ली ले जाया गया था। तब जाकर उनकी जान बचाई जा सकी।


