चाईबासा| जिला शिक्षा अधीक्षक-सह- अपर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, पश्चिमी सिंहभूम के द्वारा पोशाक क्रय से संबंधित अनियमितता का मामला उजागर होने के बाद पत्र जारी कर कर्मियों को चेताया है। पूर्व में सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 01 एवं 02 के छात्र-छात्राओं को विद्यालय प्रबंधन समिति के माध्यम से निःशुल्क पोशाक उपलब्ध कराने हेतु निर्शिदेत किया गया था। जिसमें विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची द्वारा वित्तीय नियमावली के आधार पर ही पोशाक का क्रय किया जाना है। साथ ही पोशाक का क्रय विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक कर क्रय समिति के माध्यम से नियमानुसार करने हेतु निर्शिदेत है। पोशाक की गुणवत्ता जांच एवं अनुश्रवण हेतु प्रखंड स्तर पर कमोेटी भी गठित की गई है। ज्ञात हो कि विभाग या जिला स्तर से किसी भी फर्म से पोशाक क्रय करने का निदेश नहीं दिया गया है। निदेशानुसार विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक कर क्रय समिति के माध्यम से ही नियमानुसार पोशाक का क्रय किया जाना है। मालूम हो कि कांग्रेस के नेता त्रिशानु राय ने इस मुद्दे 30 दिसंबर को काफी पुरजोर तरीके से उठाकर कार्रवाई की मांग की थी। सरकारी विद्यालय में आपूर्ति के नाम पर शिक्षा विभाग से मेसर्स समर इंटरप्राइजेस फर्जी बिल से कर रहा फर्जीवाड़ा, जिससे विभाग की छवि खराब हो रही है। डीएसई के द्वारा सख्त लहजे में निर्देश दिया गया है कि विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक कर क्रय समिति के माध्यम से पोशाक विद्यालय किट विद्यालय अनुदान की राशि का व्यय नियमानुसार करना सुनिश्चित करेंगे। किसी भी प्रकार की कोताही, फर्जी बिल या गुणवत्ता से समझौता नहीं करेंगें। यदि भ्रष्ट कृत्य में संलिप्त पाये जाने वाले शिक्षक, प्रखण्ड संकुल साधन सेवी, प्रखण्ड कार्यक्रम पदाधिकारी एवं प्रखण्ड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


