जिले के 1042 गांव ओडीएफ प्लस और 248 गांवों को घोषित किया गया मॉडल

जिला जल एवं स्वच्छता मिशन समिति की बैठक बुधवार को समाहरणालय सभागार में हुई। अध्यक्षता उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रवि आनंद ने की। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-2 के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा हुई। उपायुक्त ने कहा, गांवों को खुले में शौच से मुक्त बनाए रखना प्राथमिकता है। ठोस और तरल कचरा प्रबंधन से गांवों को ओडीएफ प्लस बनाना है। सभी अधिकारी तय मानकों पर सुधार लाएं। लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी। बैठक में ओडीएफ प्लस के सात घटकों की समीक्षा हुई। इनमें खुले में शौच से मुक्ति की स्थायित्व, ठोस कचरा प्रबंधन, तरल कचरा प्रबंधन, गोबर-धन, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन, सुरक्षित माहवारी प्रबंधन और मलीय कचरा प्रबंधन शामिल हैं। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। जिले के 1042 गांव ओडीएफ प्लस घोषित हो चुके हैं। 248 गांवों को ओडीएफ प्लस मॉडल (5 स्टार) के रूप में डिक्लेयर किया गया है। उपायुक्त ने कहा बने हुए शौचालयों का उपयोग सुनिश्चित करें। इसके लिए जागरूकता अभियान चलाएं। जहां जरूरत हो, वहां शौचालय की व्यवस्था करें। डीसी ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट की ली जानकारी उन्होंने सभी प्रखंडों में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट की स्थिति की जानकारी ली। बताया गया, फतेहपुर में भूमि की समस्या है। जामताड़ा में 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। अन्य प्रखंडों में यूनिट तैयार हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर सेग्रेशन शेड निर्माण की जानकारी ली गई। कुल 118 में से 34 का निर्माण पूरा हो चुका है। 26 निर्माणाधीन हैं। उपायुक्त ने कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। सभी पंचायतों में कचरा संग्रहण वाहन की स्थिति की भी समीक्षा हुई। उपायुक्त ने इनका उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में उप विकास आयुक्त निरंजन कुमार, जिला पंचायत राज पदाधिकारी पंकज कुमार रवि, पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता अमित कुमार महतो, प्रखंड विकास पदाधिकारी, जिला समन्वयक अनुज कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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