जिले में डेंगू, डायरिया और मलेरिया नियंत्रण करने की तैयारी पर कलेक्टर ने की समीक्षा

भास्कर न्यूज| रायगड़ा ओडिशा के विभिन्न जिलों में डेंगू, डायरिया और मलेरिया के मामलों में संभावित वृद्धि को ध्यान में रखते हुए इन बीमारियों के नियंत्रण और रोकथाम के लिए रायगड़ा की जिलाधिकारी पारुल पटवारी ने जिला स्तर के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। साथ ही, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को भी शामिल किया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि इस वर्ष सभी नालियों और नालों की 100% सफाई और विषहरण सुनिश्चित की जाए। इसके लिए बीडीओ और नगर कार्यपालक अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई। प्रत्येक एएनएम और आंगनबाड़ी केंद्र में पर्याप्त मात्रा में ओआरएस और दवाइयों का भंडारण, पानी के नमूने लेकर उसकी जांच और आवश्यकता अनुसार विषहरण करने को कहा गया। विद्यालयों के छात्रावासों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा हेतु सभी प्रमुख शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को छात्रों के लिए मच्छरदानी के प्रयोग को सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके अलावा, जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, सभी गोष्ठी शिक्षा अधिकारी और प्रचार अधिकारी को सतर्क रहने का निर्देश दिया ताकि छात्रावासों में रहने वाले बच्चे संक्रमित न हों। गोष्ठी स्वास्थ्य अधिकारी ग्राम कल्याण समिति पाठी के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैलाने का कार्य करेंगे। विद्यालय खुलने पर छात्रों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की बात भी शिक्षकों से कही गई। बरसात के मौसम को देखते हुए डेंगू और मलेरिया के मामलों में वृद्धि की आशंका को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने यह समीक्षा की। बैठक में अतिरिक्त जिलाधिकारी नवीन चंद्र नायक, अतिरिक्त जिलाधिकारी निहार रंजन काहार, चंद्रकांत माझी, सीडीएमओ डॉ. वी. सरोजिनी देवी, एडीएमओ डॉ. ममता साहू, डॉ. ममता चौधरी, एडीएमओ डॉ. सुबुद्धि, मिनती देओ, डीईओ राम नाहक, एडीडब्ल्यूओ, रायगड़ा नगर कार्यपालक अधिकारी कुलदीप कुमार, खाद्य निरीक्षण अधिकारी सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए। आंबा कार्यकर्ताओं को मच्छरदानी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कहा ग्राम कल्याण पाठी फंड का उपयोग कर गांवों को स्वच्छ और साफ-सुथरा रखने के निर्देश भी दिए गए। मच्छरदानी के उपयोग को बढ़ावा देने, घर-घर जाकर लोगों को सचेत करने का कार्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा कर्मियों को सौंपा गया। डायरिया, उल्टी-दस्त और मलेरिया से ग्रसित मरीजों को त्वरित और उचित इलाज मुहैया कराने का निर्देश भी दिया गया।

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