अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और कथावाचक प्रदीप मिश्रा के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा की गई टिप्पणी के विरोध में भिलाई के सुपेला चौक पर रविवार को भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए पूर्व सीएम भूपेश बघेल का पुतला दहन किया। भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं का कहना है कि पूर्व सीएम भूपेश बघेल द्वारा पं. धीरेंद्र शास्त्री और प्रदीप मिश्रा को ‘टोटका और अंधविश्वास फैलाने वाला’ तथा ‘भाजपा का एजेंट’ कहना सनातन परंपरा और साधु-संतों का अपमान है। इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। आकाओं को खुश करने दे रहे बयान
भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिया ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि पूर्व सीएम भूपेश बघेल और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव कांग्रेस के आकाओं को खुश करने में लगे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की परंपरा रही है कि वह सनातन संस्कृति और हिंदू साधु-संतों को हमेशा निशाने पर रखती है। राहुल टिकरिया ने कहा कि साधु-संतों की कोई उम्र नहीं होती, वे किसी भी उम्र में पूजनीय होते हैं। सनातन परंपरा में बाल काल से भी संत और तपस्वी बन सकते हैं, इसलिए उम्र की तुलना करना अनुचित और अपमानजनक है। सार्वजनिक माफी मांगे दोनों नेता
उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व सीएम भूपेश बघेल को अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। भाजपा युवा मोर्चा का कहना है कि कांग्रेस नेताओं द्वारा बार-बार सनातन और साधु-संतों के खिलाफ बयानबाजी कर समाज में गलत संदेश दिया जा रहा है। भाजपा नेताओं ने टीएस सिंहदेव के पूर्व में दिए गए उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने मुगल शासन के दौरान हिंदुओं पर हुए अत्याचारों का उल्लेख किया था। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस की संगति और राजनीति के चलते दोनों नेता इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं, जो सनातन परंपरा और साधु-संतों का अपमान है।


