जिले में 25 जगह मिला डेंगू का लार्वा, दवा का छिड़काव कर विभाग की टीमों ने किया नष्ट

भास्कर न्यूज | जालंधर स्वास्थ्य विभाग द्वारा “हर शुक्रवार – डेंगू ते वार अभियान लगातार चलाया जा रहा है। शुक्रवार को सिविल सर्जन (कार्यकारी) डॉ. रमन गुप्ता ने फील्ड में जाकर पंजाब रोडवेज वर्कशॉप-1 जालंधर में अभियान का नेतृत्व किया। इस मौके पर डॉ. राकेश चोपड़ा, डॉ. शोभना बंसल, रोडवेज वर्कशॉप के महाप्रबंधक मनिंदर पाल सिंह, अधीक्षक राजपाल, प्रभारी सरबदीप सिंह, उप-एमईआईओ असीम शर्मा, नीरज शर्मा और एंटी लार्वा टीमों ने वर्कशॉप में डेंगू सर्वेक्षण किया। वर्कशॉप के कर्मचारियों को डेंगू से बचाव के बारे में जागरूक किया। इस दौरान संभावित स्थानों पर डेंगू के लार्वा की पहचान की। लार्वा मिलने पर नष्ट किया। मच्छरों की रोकथाम के लिए दवा का छिड़काव किया। सिविल सर्जन ने कहा कि “हर शुक्रवार – डेंगू ते वार” अभियान का उद्देश्य लोगों को डेंगू से बचाव के प्रति जागरूक करना है। डेंगू की रोकथाम के लिए बरसात के मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है और घरों व स्कूलों में लगातार जागरूकता गतिविधियां तेज कर हैं। डेंगू मच्छर के लार्वा साफ पानी में पाए जाते हैं, इसलिए अपने घरों व दफ्तर के आसपास साफ-सफाई रखनी चाहिए और पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। कूलरों का पानी सप्ताह में एक बार बदलना चाहिए, गमलों, टूटे गमलों, घरों व कार्यालयों की छतों पर रखे टायरों आदि में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। पक्षियों के पीने के लिए रखे गए गमलों का पानी भी बदलना चाहिए। उन्होंने कहा कि डेंगू से बचाव के लिए शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें, ताकि मच्छर आपको काट न सकें, सोते समय मच्छरदानी, मच्छर भगाने वाली क्रीम व तेल आदि का प्रयोग करें। 4311 घरों का सर्वे किया सिविल सर्जन डॉ. रमन गुप्ता ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर 4311 घरों का निरीक्षण किया। इनमें से 1623 घर शहरी क्षेत्रों में और 2688 घर ग्रामीण क्षेत्रों में थे। इस दौरान 25 जगहों पर डेंगू का लार्वा पाया गया, जिसे टीमों ने निर्धारित तरीके से नष्ट कर दिया।

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