रांची समेत राज्य के सभी जिलों में वर्ष 2023 में नियुक्त 4449 हाईस्कूल शिक्षक अब तक अपनी सेवा के 24 महीने पूरे कर चुके हैं। इसके बावजूद उनकी सेवा कंफर्म नहीं की गई है। नियम के अनुसार, नियुक्ति के बाद अधिकतम दो साल की प्रोबेशन अवधि होती है। इस अवधि में सेवा संतोषजनक रहने पर शिक्षक की नौकरी स्थायी (कंफर्म) की जानी चाहिए। दो साल बीत जाने के बाद भी सैकड़ों शिक्षक अब तक तकनीकी रूप से अस्थायी माने जा रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि उनके खिलाफ न कोई विभागीय जांच चल रही है, न कोई कोर्ट का स्टे है और न ही सेवा से जुड़ी कोई समस्या। इसके बावजूद फाइलें आगे नहीं बढ़ रहीं। निदेशालय ने पत्र लिखा, जिलों ने सूची नहीं भेजी हाईस्कूल शिक्षकों के कंफर्मेशन को लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों को पत्र लिखकर कंफर्म होने वाले शिक्षकों की सूची मांगी थी। इसके बावजूद अधिकांश जिलों ने अब तक सूची नहीं भेजी है। इससे साफ है कि मामला जिला स्तर पर ही अटका हुआ है। 3 चरण में हुई थी नियुक्ति 18 मई 2023 : 3459 शिक्षक 16 अक्टूबर 2023 : 827 शिक्षक 10 दिसंबर 2023 : 163 शिक्षक कंफर्मेशन नहीं होने से तीन बड़ी परेशानियां {तबादला नहीं हो पा रहा: सेवा कंफर्म होने के बाद ही शिक्षक तबादला प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं। कंफर्मेशन न होने से वे वर्षों से एक ही जगह जमे हुए हैं। इससे परिवार, बच्चों की पढ़ाई और निजी जीवन पर असर पड़ रहा है। {बैंक लोन में दिक्कत: अधिकांश बैंक स्थायी (कंफर्म) नौकरी को ही लोन का आधार मानते हैं। प्रोबेशनर होने के कारण शिक्षकों को होम लोन, पर्सनल लोन और अन्य वित्तीय सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं। {करियर व प्रमोशन पर असर: कंफर्म पद पर रहते हुए ही शिक्षक एनओसी लेकर उच्च पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। कंफर्मेशन न होने से प्रमोशन, प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर ग्रोथ पर सीधा असर पड़ रहा है। जानिए… क्या कहता है स्थायी करने का नियम {नियुक्ति के बाद शिक्षक को अधिकतम 2 साल के लिए प्रोबेशन पर रखा जाता है। {इस अवधि में कार्य संतोषजनक रहने पर कंफर्मेशन आदेश जारी करना जरूरी है। {कंफर्मेशन की प्रक्रिया जिला स्थापना समिति के माध्यम से पूरी करनी होती है। {बिना कारण देरी होना प्रशासनिक लापरवाही माना जाता है।


