जिसके पास 5500 रुपए उसने 1.25 करोड़ की जमीन ली:छिंदवाड़ा में जमीन कन्वर्जन विवाद, गोंडवाना नेता देव रावेण भलावी ने लगाए भू-माफिया पर गंभीर आरोप

छिंदवाड़ा के खजरी रोड स्थित कॉफी हाउस में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के नेता देव रावेण भलावी ने शनिवार को पत्रकार वार्ता आयोजित कर अपने ऊपर लगाए जा रहे जमीन कन्वर्जन से जुड़े आरोपों पर सफाई दी। इस दौरान उन्होंने पैसों की मांग और वायरल ऑडियो रिकॉर्डिंग मामले को लेकर कई गंभीर खुलासे किए। देव रावेण भलावी के साथ पत्रकार वार्ता में मोहीद (मुहित) खान भी मौजूद रहे, जिनकी वॉइस रिकॉर्डिंग हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। मुहीद खान ने दावा किया कि उनसे यह रिकॉर्डिंग कराने के लिए पैसों का लालच दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि समीर खान नाम के युवक ने उनसे संपर्क कर रिकॉर्डिंग करने और उसे वायरल करने के लिए कहा था। 1.25 करोड़ के ट्रांजैक्शन पर सवाल देव रावेण भलावी ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में एक गिरोह की तरह काम किया गया। उन्होंने बताया कि गोकुल उइके नामक एक गरीब आदिवासी व्यक्ति के बैंक खाते में करीब 1.25 करोड़ रुपए का लेन-देन दिखाया गया, जबकि वर्तमान में उसके खाते में मात्र 5500 रुपए शेष हैं। इस खाते से बड़ी राशि कई अन्य खातों में ट्रांसफर की गई, जिस पर सवाल उठते हैं। भूमि कन्वर्जन में अनियमितताओं का आरोप गोंडवाना नेता ने प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि भूमि कन्वर्जन में असामान्य तेजी दिखाई गई, जबकि आमतौर पर ऐसा नहीं होता। इसके साथ ही रिंग रोड से लगी जमीन को 200 मीटर अंदर दर्शाया गया, जिससे जमीन के रेट कम हुए और स्टाम्प ड्यूटी में भी कमी आई। 15 करोड़ की मांग का आरोप भलावी ने बताया कि उनको बदनाम करने हाल ही में सामने आई एक वॉइस रिकॉर्डिंग में पूरे लेन-देन को लेकर 15 करोड़ रुपए की मांग की बात सामने आई थी। इस पर मोहीद खान ने दावा किया कि उनसे मुलाकात कर खुद को पत्रकार बताने वाले समीर खान ने उन्हें व्यक्तिगत लाभ पहुंचाने की बात बाकायदा स्क्रिप्ट लिख कर दी थी जिस पर उन्हें काम करना था इसी के तहत वह वॉइस रिकॉर्डिंग तैयार की गई थी। उनसे ये जमीन कन्वर्जन मामले से जुड़े व्यक्तियों द्वारा करने को कहा गया था इस मामले में बाकी रफीक अंसारी के शामिल होने की बात भी कहीं और उनसे कहा गया था कि रिकॉर्डिंग वायरल नहीं की जाएगी, लेकिन बाद में समीर खान द्वारा ही इसे वायरल कर दिया गया, जिससे अब वह सच्चाई सामने लाने को मजबूर हुए। निष्पक्ष जांच की मांग इस पूरे घटनाक्रम के बाद गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों और ईओडब्ल्यू को आवेदन दिया है। देव रावेण भलावी ने आरोप लगाया कि आदिवासियों से दलालों और बिचौलियों के माध्यम से जमीन लेकर उसे सामान्य श्रेणी में कन्वर्ट कर भारी मुनाफे में बेचा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि छिंदवाड़ा में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं और शिकायतों का सिलसिला जारी है।

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