गांव तलवंडी में सोमवार सुबह करीब 8 बजे सतलुज नदी के किनारे नशे की ओवरडोज से एक युवक की मौत हो गई। पशुओं को चराने जा रहे एक बच्चे ने शव को देखा तो शोर मचाकर गांव वालों को इकट्ठा किया। मृतक युवक की पहचान नहीं हुई, लेकिन उसके पास नशे का इंजेक्शन, लाइटर, पानी की बोतल रखी हुई थी। गांव वालों ने थाना लाडोवाल की पुलिस को जानकारी देकर बुलाया। इस दौरान लोगों ने नशा खरीदने जा रहे बाकी युवकों को पकड़ कर धुनाई भी की। पिटने वाले युवक कबूल रहे हैं कि वे गांव में जिंदल नाम के व्यक्ति से नशा खरीद कर आए हैं। इसके साथ ही एक महिला भी है जिसके घर पर पीरों की दरगाह है। वह हर रोज आते हैं, और 200-300 रुपए में नशा खरीदते हैं। घटनास्थल पर थाना लाडोवाल की टीम ने पहुंचकर नशेड़ी युवकों को हिरासत में लिया और शव लेकर चली गई। गांव वालों ने पुलिस को नशा बेचने वालों के घरों के बारे में बताया और कहा कि नशा विक्रेताओं के घर पर रेड करें। पुलिस बिना रेड के ही लौट गई। …जासूस पहले ही पुलिस के आने की जानकारी दे देते हैं रिपोर्टर: तलवंडी गांव में आज नशे की वजह से एक मौत हुई है। लोगों ने कुछ युवक पकड़ कर भी दिए, फिर भी पुलिस ने रेड नहीं की? एसएचओ: पुलिस टीम गांव में गई, लेकिन सभी फरार हो गए हैं। रिपोर्टर: मैंने 1:30 बजे से 3:30 बजे तक गांव में नजर रखी, अब भी नशा बिक रहा है। सभी नशा विक्रेता अपने घरों में ही हैं। एसएचओ: जब पुलिस पहुंची तब वहां पर कोई नहीं था। रिपोर्टर: आप मेरे साथ अभी चलें, आपको तस्कर अब भी मिलेंगे। एसएचओ: पुलिस तो अपना काम कर रही है। अब तक 40 तस्करों पर केस दर्ज किए हैं लेकिन हर बार जमानत लेकर आते हैं। अब अदालत को चाहिए कि उन लोगों को जमानत न दें, जिन पर 5 से ज्यादा केस हैं। रिपोर्टर: नशा खरीदने आए युवकों ने कुछ लोगों के नाम लिए हैं। उनके घरों पर चेकिंग की? एसएचओ: पुलिस कई बार चेकिंग कर चुकी है। लेकिन कोई जासूस गांव वालों को पुलिस टीम के आने की जानकारी पहले ही दे देता है। ‘भाभी’ के घर से 1000 से 2000 रुपए में मिल जाता है नशा रिपोर्टर: हांजी पाजी क्या हाल है? नशेड़ी युवक: कौन हो तुम? पहले कभी देखा नहीं। रिपोर्टर: पाजी सामान लेने आया था। सुना है यहां अच्छा मिलता है। नशेड़ी युवक: सही कहा, हम भी यही से ही लेते हैं। और ये इलाका सेफ भी है। कोई कुछ नहीं बोलता। रिपोर्टर: अपने कहां से लिया है? नशेड़ी युवक: ‘भाभी’ के ग्राहक हैं। उनका माल (नशे का सामान) ए-वन क्वालटी का होता है। रिपोर्टर: उनके घर का रास्ता बता दो। नशेड़ी युवक: नहीं, तुम मुझे रुपए दे दो, हम लाकर देते है। रिपोर्टर: नहीं मैं ही जाउगा, अब तो आना-जाना रहेगा। क्या रेट है? नशेड़ी युवक: 1000, 2000 रुपए में मिल जाता है। रिपोर्टर: रास्ता बता दो। नशेड़ी युवक: सीधा जाओ और किसी से भी पूछ लो कि भाभी का घर कहां है, लोग आसानी से बता देंगे। दोपहर 1:47 से 3:35 बजे तक आरोपियों के घर से नशा बिका गुरशिंदर कौर, एसएचओ थाना लाडोवाल जिन घरों पर एक्शन हुआ था, वहीं से फिर बिकने लगा नशा भास्कर ने बताई नशा तस्करों की लोकेशन, पुलिस बोली- हर बार जमानत ले लेते हैं नशा खरीदने जा रहे युवकों की धुनाई की गई। सतलुज किनारे नशे से एक युवक की मौत हुई। रिपोर्टर को नशे के बारे में बताते लोग। थाना लाडोवाल की टीम का दावा है कि नशा विक्रेता गांव से फरार हो गए हैं। लेकिन जब भास्कर रिपोर्टर तलवंडी पहुंचे देखा कि नशा बेचने वाले जिन घरों को तोड़ा गया था वहां आज भी लोग रह रहे हैं। नशा खरीदने आए युवकों ने जिस जिंदल नामक व्यक्ति और महिला का जिक्र किया। उनके घरों में दोपहर 1:47 से लेकर 3:35 बजे तक कई लोग आते-जाते रहे। वे लोग खाली हाथ घरों के अंदर जाते लेकिन वापसी के समय अपनी पेंट की जेब में इंजेक्शन, पानी की बोतल डालते हुए देखे गए। उसके बाद वे सतलुज नदी के किनारे जाकर नशा करने लगे।


