नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में जिस बस 3 अक्टूबर को घर में घुसकर बच्ची को कुचला था, उसका पंजीयन परिवहन विभाग ने 1 सितंबर को ही रद्द कर दिया था। इसके बावजूद बस (एमपी 13 जेडडब्ल्यू 4986) का संचालन जारी था। पुलिस जांच में सामने आया कि बस का पंजीयन प्रदेशभर में फर्जी एनओसी पर चोरी की गई बसों के पंजीयन घोटाले के तहत रद्द किया गया था। अगस्त में इस घोटाले का खुलासा हुआ था, जिसमें यह बस भी शामिल थी। इसे आंध्रप्रदेश से लाकर उज्जैन में पंजीकृत कराया गया था। परिवहन विभाग ने 1 सितंबर को इसका पंजीयन रद्द कर दिया था। पुलिस ने बीजेपी नेता समेत 3 लोगों को किया गिरफ्तार गोटेगांव पुलिस ने हादसे के बाद बस चालक रुद्र प्रताप सिंह, परिचालक अभिषेक गोंड और बस मालिक साहिल सिंह राजपूत (जो एक भाजपा नेता भी हैं) को गिरफ्तार किया। इन तीनों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। शनिवार को उन्हें जेल भेज दिया गया। एसपी बोले- रंगाई-पुताई कराकर चलाई जा रही थी बास एसपी डॉ. ऋषिकेश मीना ने बताया कि पंजीयन रद्द होने के बावजूद बस की रंगाई-पुताई कराकर उसका संचालन जारी था। परिवहन विभाग से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद बस मालिक पर और गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर चालान पेश किया जाएगा। एक दिन पहले बस ने बच्ची को कुचला था यह घटना एक दिन 3 अक्टूबर को श्रीनगर गांव में हुई थी, जहां बस ने पचामा निवासी भाग्यश्री पिता महेंद्र मेहरा (4) को कुचल दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। वहीं इस हादसे में मानवी पिता रामजी मेहरा (3) गंभीर रूप से घायल हो गई थी। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया था। मौके पर पहुंचे एसपी डॉ. ऋषिकेश मीणा ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया था।


