केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को जबलपुर में फिल्मी अंदाज में बड़ी कार्रवाई की। रिश्वत लेने के बाद भाग रहे केंद्रीय जीएसटी कार्यालय के इंस्पेक्टर सचिन खरे को टीम ने करीब 10 किलोमीटर तक पीछा किया। आखिरकार ग्वारीघाट मार्ग पर सेम माल के सामने उसे रिश्वत की रकम के साथ ट्रैप कर लिया गया। बाद में केंद्रीय जीएसटी के असिस्टेंट कमिश्नर विवेक वर्मा को भी पकड़ा। जानकारी के मुताबिक, विवेक वर्मा और सचिन खरे ने शहर के होटल व्यवसायी विवेक त्रिपाठी पर दबाव बनाया था। अधिकारियों ने होटल में लेन-देन में आपत्ति जताई। इसके आधार पर करीब 1 करोड़ रुपए की रिकवरी निकाल दी। बाद में मामला निपटाने के लिए 10 लाख की रिश्वत मांगी। होटल कारोबारी ने इसकी शिकायत सीबीआई से की। जैसे ही होटल कारोबारी ने पहली किस्त के 4 लाख रुपए सचिन को सौंपे, टीम ने 10 किमी तक पीछा कर उसे पकड़ा। बाद में वर्मा को भी पकड़ लिया। मामले में जीएसटी विभाग का अधीक्षक मुकेश बर्मन फरार है। कई होटल संचालकों से वसूली की थी तैयारी बताया जाता है कि जीएसटी के पकड़े गए अधिकारियों ने शहर के करीब 58 होटलों की सूची तैयार कर रखी थी। इन होटलों से मोटी रकम वसूलने की पूरी योजना बनाई गई थी। जानकारी के मुताबिक, कुछ होटल संचालकों से अवैध रूप से राशि वसूली भी की जा चुकी थी। इसी बीच सीबीआई ने उन्हें पकड़ लिया। इससे संबंधित अधिकारियों की पूरी तैयारी धरी की धरी रह गई। सीबीआई की कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। देर रात तक सीबीआई के अधिकारी दस्तावेजों की जांच पड़ताल करते रहे। खनन कारोबारी के घर आयकर का छापा…
इनकम टैक्स विभाग ने खनन कारोबारी राजीव चड्ढा के निवास पर बुधवार तड़के छापा मारा। कार्रवाई में पुलिस बल भी तैनात रहा। हालांकि अब तक जब्त दस्तावेजों और संभावित रिकवरी को लेकर विभाग ने आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। इसी क्रम में इनकम टैक्स की अन्य टीमों ने कटनी और सतना में भी जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा और उनके परिजनों से जुड़े ठिकानों पर एक साथ छापामार कार्रवाई की।


