बालाघाट। मेसर्स कालूवाला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड नवेगांव पर जीएसटी चोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। जीएसटी छिंदवाड़ा और बालाघाट की संयुक्त टीम ने निर्माण सामग्री में की गई जीएसटी की चोरी पकड़ी, जिसके बाद कंपनी ने 89 लाख 82 हजार रुपये सरेंडर किए हैं। यह कंपनी रजेगांव से बालाघाट के बीच हाईवे निर्माण का कार्य कर रही है। यह कार्रवाई आयुक्त वाणिज्यिक कर इंदौर के निर्देश पर की गई। संयुक्त आयुक्त राज्य कर छिंदवाड़ा सुनीता वर्मा के मार्गदर्शन में राज्य कर सहायक आयुक्त एकांत राहंगडाले ने वाणिज्यिक कर छिंदवाड़ा और बालाघाट की संयुक्त टीम के साथ मेसर्स कालूवाला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड नवेगांव पर निरीक्षण किया। यह निरीक्षण मध्यप्रदेश मॉल एवं सेवा कर अधिनियम 2017 की धारा 67(1)(2) के तहत किया गया। टीम ने फर्म के रेंगाटोला स्थित साइट पर दो दिनों तक जांच की। इस दौरान फर्म के खरीदी और आउटवर्ड सप्लाई से संबंधित ट्रांजेक्शन की गहनता से जांच की गई। जांच में अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद व्यवसायी ने कर चोरी स्वीकार कर ली। कंपनी ने कुल 89 लाख 82 हजार रुपये सरेंडर किए हैं। इसमें 65 लाख रुपये नकद और 24 लाख 82 हजार रुपये इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के माध्यम से जमा किए गए। जीएसटी विभाग ने बताया कि टैक्स चोरी की जानकारी मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई थी। हालांकि, टीम ने इस मामले में कैमरे पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन प्रेस को कार्रवाई की जानकारी प्रदान की।


