जीएसटी में फेसलेस सिस्टम लागू करने की वकालत

भास्कर न्यूज | जालंधर जालंधर में इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की जालंधर शाखा द्वारा दो दिवसीय रीजनल कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान माहिरों ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से ऑडिटिंग में क्रांतिकारी बदलाव आया है। रोजाना के कामकाज में इसके अनुसार खुद को ढालना होगा। कांग्रेस का रविवार को अंतिम दिन था। स्थानीय होटल में सीए और इस फील्ड से जुड़े युवा शामिल हुए। कॉन्फ्रेंस के अंतिम दिन सेशन का उद्घाटन सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने किया। वह देश के सूचना प्रसारण मंत्री भी रह चुके हैं। इस दौरान ठाकुर ने कहा कि डिजिटल इंडिया अभियान में भारत पूरी तरह से सफल रहा है। भारत एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था बेहद तीव्र गति से आगे बढ़ रही है। वह दिन दूर नहीं जब हम 7 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य हासिल कर लेंगे। सांसद ने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट राष्ट्र निर्माता हैं। जालंधर शाखा के चेयरमैन सीए पुनीत ओबेरॉय ने अतिथियों का स्वागत करते हुए भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की बढ़ती वैश्विक मांग पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारतीय सीए अपनी ईमानदारी और तकनीकी विशेषज्ञता के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं। उन्होंने भारतीय फर्मों को वैश्विक स्तर पर विस्तार करने और अपनी संस्थाओं को बड़ा बनाने का आह्वान किया। सीए ओबेरॉय ने कहा कि ईज आफ डोईंग बिजनेस के लिए जीएसटी में फेसलेस प्रणाली आरंभ करना लाभप्रद रहेगा। सीए ओबराय ने जीएसटी में फेसलेस सिस्टम लागू करने की वकालत की। एक विशेष एक्सपोर्ट प्रोमोशन कौंसिल के गठन पर भी जोर दिया। इस दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विषय में पैनल चर्चा हुई। इस नई तकनीक से ऑडिटिंग और अकाउंटिंग के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आ रहा है। कॉन्फ्रेंस में छोटे उद्योगों के लिए स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से पूंजी जुटाने के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। बेनामी अधिनियम और जीएसटी के समकालीन बदलावों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया।

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