जीतू पटवारी ने इंदौरवासियों के नाम पत्र लिखा:प्रशासन और सरकार पर लगाया आरोप; कहा- सत्ता की भूख नफरत के रास्ते पर धकेल रही

मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधायक जीतू पटवारी ने दशहरे के पावन अवसर पर इंदौरवासियों के नाम पत्र लिखा। उन्होंने अपने पत्र में इंदौर और पूरे प्रदेश की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताई। पटवारी ने सरकार, पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि नफरत और वैमनस्य के बजाय प्रेम, भाईचारा और एकता को ही आगे बढ़ाना होगा। पत्र सोशल मीडिया पर साझा किया गया और इसमें शहर की सामाजिक एकता बनाए रखने का आह्वान किया गया। बचपन की यादों का जिक्र किया पटवारी ने पत्र में लिखा कि इंदौर में उन्होंने अपना बचपन बिताया और इस शहर की गलियों, परंपराओं और संस्कारों ने उन्हें गढ़ा। शहर हमेशा विविधताओं में एकता का प्रतीक रहा है और यहां हर धर्म, समाज और वर्ग ने एक-दूसरे का सम्मान किया है। लेकिन वर्तमान में शहर की स्थिति देखकर उन्हें गहरी चिंता और पीड़ा हो रही है। प्रशासन और सरकार पर आरोप पत्र में उन्होंने कहा कि इंदौर को संकीर्ण सोच और सत्ता की भूख, नफरत और वैमनस्य के रास्ते पर धकेला जा रहा है। लोकतांत्रिक सिद्धांतों को दरकिनार कर समाज को बांटने का प्रयास हो रहा है। पटवारी ने यह भी चिंता जताई कि जनता की रक्षा और न्याय का सबसे बड़ा माध्यम पुलिस और प्रशासन भी ऐसी सोच के प्रभाव में दिखाई दे रहा है। महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ते अपराध से जनता में निराशा फैली हुई है। पटवारी ने पत्र में आह्वान किया पटवारी ने पत्र में इंदौरवासियों से आह्वान किया कि नफरत की सेना का जवाब प्रेम, एकता और भाईचारे की शक्ति से दिया जाए। यह केवल राजनीतिक लड़ाई नहीं, बल्कि इंदौर के भविष्य, बच्चों और आने वाली पीढ़ियों का सवाल है। उन्होंने दशहरे के अवसर पर प्रतिज्ञा करने का आह्वान किया कि इंदौर की आत्मा को नफरत से आहत नहीं होने देंगे और मिलकर शहर को फिर से गर्व से कह सकें कि “यह मेरा इंदौर है।”

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