जीबी सिंड्रोम : प्रभावित राज्यों से आनेवालों की होगी जांच, लोगों‍ को किया जाएगा जागरूक

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा है कि गुइलेन-बैरे सिंड्रोम को देखते हुए वे अलर्ट मोड में रहें। शुक्रवार को अपने आवासीय कार्यालय में हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (जीबी सिंड्रोम) से ग्रस्त मरीजों की पहचान और उनके इलाज की विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने जीबीएस के संक्रमण की रोकथाम एवं चिह्नित मरीजों के इलाज की व्यवस्थाओं को लेकर की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिस राज्य, शहर या जगह पर गुइलेन-बैरे सिंड्रोम बीमारी के मरीज ज्यादा पाए गए हैं, उन क्षेत्रों से झारखंड पहुंचने वाले व्यक्तियों की जांच की व्यवस्था करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर के किसी स्थान पर गुइलेन-बैरे सिंड्रोम जांच की एक निःशुल्क सेंटर खोलें। गुइलेन-बैरे सिंड्रोम का संक्रमण कोरोना की तरह एक-दूसरे से नहीं फैलता मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस बीमारी के संक्रमण से बचने के लिए राज्य में व्यापक प्रचार-प्रसार करें। बचाव के लिए आम जनमानस को जागरूक करें। यह बीमारी दूषित जल और कच्चा भोजन करने से फैलता है। लोगों में इस बीमारी को लेकर कोई भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो, यह सुनिश्चित किए जाए। यह बीमारी कोरोना संक्रमण की तरह एक-दूसरे से नही फैलता है, इस बीमारी को लेकर बहुत घबराने की जरूरत नही है, लोगों के बीच यह संदेश पहुंचाएं। जागरूकता ही इस बीमारी से बचने का सबसे बेहतर माध्यम है। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ऑनलाइन जुड़े थे। बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, रिम्स निदेशक डॉ. राज कुमार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक अबू इमरान समेत वर्चुअल माध्यम से सभी जिलों के उपायुक्त और सिविल सर्जन भी उपस्थित थे। अस्पतालों में बेड, दवा सहित अन्य जरूरी व्यवस्था पुख्ता रखें मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जीबीएस से निबटने के लिए सभी अस्पतालों में बेड, दवा, मेडिकल ऑक्सीजन इत्यादि की पुख्ता व्यवस्था रखें। कोई भी केस मिलने पर तत्काल रिम्स रेफर करें। संदिग्ध मरीजों को रिम्स तक पहुंचाने के लिए ट्रांसपोर्ट सिस्टम को अलर्ट रखें ताकि ससमय मरीज को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपलब्ध कराई जा सके। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के सिविल सर्जनों को निर्देश दिया कि इस बीमारी से संबंधित न्यूज, एक्टिविटीज एवं अपडेट पर पैनी नजर रखें, ताकि बीमारी के खतरे की तैयारी समय रहते की जा सके। बीमारी के इलाज में किसी को कई दिक्कत न हो यह भी सुनिश्चित करें। रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार ने जीबीएस के मरीज की पहचान तथा उनके समुचित इलाज किस प्रकार की जाए, इसकी जानकारी साझा की। स्वास्थ्य विभाग के सीनियर अफसरों के साथ बैठक करते मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन।

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