भीलवाड़ा| रोडवेज बस स्टैंड के सामने अग्रवाल उत्सव भवन में आयोजित भागवत कथा महोत्सव के तीसरे दिन शुक्रवार को कथा का शुभारंभ करते हुए वृंदावन से आए ललित शरण महाराज ने कहा कि जीवन में एक बार वृंदावन की यात्रा जरूर करनी चाहिए। वृंदावन की महिमा बताते हुए उन्होंने कहा कि वृंदावन धरती का बैकुंठ है, वहां वही जाता है, जिसको राधा रानी बुलाती है। वृंदावन में केवल राधारानी की कृपा बरसती है। कपिल देव हुति विविध प्रसंग की मार्मिकता बताते हुए कहा कि साधना का पहला सोपान है संत की प्राप्ति, संत सेवा संत ही हमारे लिए भगवान का मार्ग प्रशस्त करते हैं। ध्रुव चरित्र का महत्व बताते हुए कहा कि संतान में संस्कार मां देती है, मां बालक की प्रथम गुरु होती है। आयोजन में वृंदावन से विप्र मंडली प्रात 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक भागवतजी का मूल परायण कर रहे हैं, जिनकी भक्त परिक्रमा लगा रहे हैं।


