भास्कर न्यूज |लुधियाना टैगोर नगर स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर में राम नंदा की पुण्य स्मृति में आयोजित श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का बुधवार को समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन राम श्याम महाराज ने कृष्ण-सुदामा प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया। जिसे सुनकर उपस्थित भक्त भाव-विभोर हो गए। व्यास पीठ से राम श्याम महाराज ने कहा कि वर्तमान दौर में मित्रता अक्सर स्वार्थ तक सीमित रह गई है। उन्होंने रामचरितमानस की चौपाई ‘जे न मित्र दुख होहिं दुखारी, तिन्हहि बिलोकत पातक भारी’ का उदाहरण देते हुए कहा कि जो मित्र के दुख में दुखी न हो उसका मुख देखना भी पाप के समान है। उन्होंने भक्तों को प्रेरित किया कि यदि जीवन में सच्चा मित्र बनाना है तो भगवान को बनाएं। क्योंकि वे सुख-दुख हर परिस्थिति में साथ निभाते हैं। महाराज ने जोर देकर कहा कि कथा सुनना तभी सार्थक है, जब उसे आचरण में उतारा जाए। उन्होंने कहा कि कथा का कभी अंत नहीं होता उसे केवल विश्राम मिलता है। कथा के माध्यम से अंतःकरण की शुद्धि होती है और व्यक्ति सन्मार्ग पर चलते हुए जीवन के परम लक्ष्य को प्राप्त करता है। आयोजन समिति के सदस्य राजन नंदा ने बताया कि आज प्रातः काल भव्य हवन और तत्पश्चात ब्रह्मभोज का आयोजन किया जाएगा। कथा के विश्राम दिवस पर भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने चाय ग्रहण की और महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया।


