जीवाजी विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट हॉस्टल में छात्रों के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। इसमें एक छात्र को गंभीर चोटें आई हैं और उसे इलाज के लिए अस्पताल जाना पड़ा है। पीड़ित छात्र ने मारपीट करने वालों छात्रों की पुलिस से शिकायत कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। घटना 2 फरवरी की है। बताया जा रहा है कि बीकॉम-एलएलबी 10वें सेमेस्टर के छात्र सुधांशु अस्थाना के साथ फार्मेसी के छात्र सौरभ गुर्जर, निखिल कुशवाह, गौरव जाट, सीरम तिवारी समेत अन्य छात्रों ने मारपीट की। सुधांशु के अनुसार हॉस्टल के बाहर विवाद के दौरान सभी ने मिलकर लात-घूंसे से उसकी जमकर पिटाई कर दी, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। कुलगुरु ने मांगी मारपीट करने वाले छात्रों की जानकारी जानकारी मिलते ही प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने कुलगुरु को पूरे मामले से अवगत कराया। इसके बाद कुलगुरु ने फार्मेसी संस्थान से मारपीट में शामिल बताए गए छात्रों की पूरी जानकारी मांगी है। पहले भी उठते रहे हैं रैगिंग के मामले पीड़ित छात्र का कहना है कि हॉस्टल में इस तरह की घटनाएं पहले भी होती रही हैं, लेकिन सख्त कार्रवाई नहीं होने से ऐसे मामले नहीं रुक रहे। पूर्व में रैगिंग की शिकायत पर आठ सीनियर छात्रों को परीक्षा से वंचित भी किया जा चुका है, इसके बावजूद घटनाएं जारी हैं। विश्वविद्यालय का बयान विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. विमलेन्द्र सिंह राठौर ने कहा कि छात्रों के बीच आपसी विवाद का मामला संज्ञान में आया है। अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी।


