जीवाजी यूनिवर्सिटी के कुलगुरु अविनाश तिवारी बर्खास्त:वॉइस-चांसलर समेत 18 प्रोफेसर्स पर EOW ने दर्ज किया था केस; नरसिंहपुर के डॉ. राजकुमार आचार्य को चार्ज

ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर अविनाश तिवारी को बर्खास्त कर दिया गया है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने धारा 52 का उपयोग कर उन्हें पद से हटा दिया है। ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी कुलगुरु को इस तरह हटाया गया है। अविनाश तिवारी पर एक महीने पहले 13 जनवरी को EOW ने आपराधिक मामला दर्ज किया था। मुरैना के झुंडपुरा गांव स्थित शिवशक्ति महाविद्यालय फर्जीवाड़ा केस में EOW ने दो कुलगुरु सहित 18 प्रोफेसर्स पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। इस कॉलेज का कोई अस्तित्व नहीं था, इसके बाद भी लगातार कई सालों से संबद्धता दी जा रही थी। अविनाश तिवारी की बर्खास्तगी के बाद धारा 52 की कालावधि के दौरान डॉ. राजकुमार आचार्य (पूर्व कुलगुरु अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा) प्राचार्य महात्मा गांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय करेली जिला नरसिंहपुर को जीवाजी विश्वविद्यालय का कुलगुरु नियुक्त किया गया है। शिवशक्ति कॉलेज को कागजों पर चलाने का आरोप
प्रो. अविनाश तिवारी, गोविंद गुरु ट्राइबल यूनिवर्सिटी बांसवाड़ा राजस्थान के कुलगुरु डॉ. केएस ठाकुर सहित 18 प्रोफेसर और स्टाफ पर ईओडब्ल्यू ने 13 जनवरी 2025 को आपराधिक मामला दर्ज किया था। इनमें से 2 प्रोफेसरों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 6 रिटायर हो चुके हैं। साल 2022 में आवेदक अरुण कुमार शर्मा निवासी दुर्गा कालोनी मुरार ग्वालियर की ओर से संचालक शिवशक्ति महाविद्यालय गांव झुंडपुरा तहसील सबलगढ़ मुरैना के खिलाफ फर्जी रूप से कॉलेज संचालित करने का आरोप लगाते हुए एक शिकायत EOW में की गई थी। जांच में मिले सबूतों के आधार पर EOW ने पाया कि शिवशक्ति महाविद्यालय सिर्फ कागजों में दर्ज है। जो एड्रेस डॉक्यूमेंट में दर्शाया गया है, वहां उसका कोई वजूद ही नहीं है। इसी के बाद मामला दर्ज कर अब आगे कार्रवाई की गई है। जांच में पता चला शिवशक्ति कॉलेज का वजूद नहीं
शिकायत में कहा गया था कि शिवशक्ति नाम का कोई कॉलेज वास्तविकता में नहीं है। संचालक रघुराज सिंह जादौन द्वारा जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु अविनाश तिवारी सहित आरोपियों के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए। इसके आधार पर कॉलेज की मान्यता और संबद्धता लेकर छात्रों का फर्जी एडमिशन दिखाकर स्कॉलरशिप और अन्य मदों में सरकारी फायदा लिया गया। इन आरोपों की जांच की गई तो ईओडब्ल्यू ने पाया कि जांच दल की साठगांठ से यह कॉलेज संचालित हो रहा था। बांसवाड़ा की ट्राइबल यूनिवर्सिटी के कुलगुरु पर खतरा
राजस्थान के बांसवाड़ा की गोविंद गुरु ट्राइबल विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. केएस ठाकुर पर भी खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने भी शिवशक्ति कॉलेज का निरीक्षण किया था। इसी लिए इनके खिलाफ भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। प्रो. अविनाश तिवारी को हटाए जाने के बाद अब प्रो. ठाकुर को भी हटाए जाने की संभावना बढ़ गई है। जिन पर कॉलेजों की जांच का जिम्मा, उन्हीं ने गड़बड़ी की
ईओडब्ल्यू ने जांच में पाया कि जीवाजी विश्वविद्यालय की ओर से कॉलेज के निरीक्षण के लिए हर साल गठित जांच कमेटी के सदस्य अपने फायदे के लिए गलत आधार पर शिवशक्ति महाविद्यालय की कूटरचित निरीक्षण रिपोर्ट बनाकर इस महाविद्यालय की संबद्धता लेने में सहयोग किया। इन कुलगुरु और प्रोफेसर्स पर दर्ज है केस?

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