जुन्नारदेव विशाला मामले में रिकवरी के आदेश:17 लाख खर्च, फिर भी खड़े किए सिर्फ 15 कॉलम; ऑनलाइन रिकॉर्ड में भी गड़बड़ी

छिंदवाड़ा जिले की जुन्नारदेव विधानसभा के ग्राम जुन्नारदेव विशाला में सामुदायिक भवन निर्माण को लेकर एक गंभीर अनियमितता सामने आई है। पंचायत दर्पण पोर्टल पर दर्शाए गए भुगतान, निर्माण स्थल पर मौजूद स्ट्रक्चर और खरीदी के बिलों में भारी अंतर मिलने के बाद प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। मामला तब सामने आया जब ग्रामीणों ने शिकायत की कि सामुदायिक भवन के लिए लगभग 17 लाख रुपए तक का भुगतान तो कर दिया गया, लेकिन जमीन पर इसकी झलक तक सही तरीके से दिखाई नहीं देती। कागजों में दिखाया काम जमीनी स्तर पर सिर्फ 15 पिलर खड़े हुए ग्रामीणों के अनुसार स्वीकृत नक्शे के अनुसार भवन का ढांचा पूरी तरह अलग तरीके से खड़ा होना चाहिए था, लेकिन मौके पर जाकर देखने पर केवल 15 कॉलम ही खड़े मिले। यह कॉलम भी उस संरचना से बिल्कुल मेल नहीं खाते जो विभाग द्वारा मंजूर किए गए स्ट्रक्चर में दर्शाई गई थी। निर्माण की यह स्थिति अपने आप में यह बताने के लिए पर्याप्त थी कि काम कागजों में तो आगे बढ़ रहा है, लेकिन जमीन पर नहीं। इसी दौरान पंचायत दर्पण पर अपलोड किए गए बिलों की जांच में और भी चौंकाने वाली बात सामने आई। सीमेंट खरीद का पूरा विवरण गलत दर्ज किया गया था। वास्तविकता में भवन निर्माण के लिए 600 बोरी सीमेंट की खरीदी की गई थी, जिसका कुल बिल 250 रुपये प्रति बोरी की दर से और 42 हजार रुपये जीएसटी मिलाकर लगभग 1 लाख 92 हजार रुपये बनता है। लेकिन डेटा ऑपरेटर की गंभीर लापरवाही के चलते ऑनलाइन रिकॉर्ड में 600 बोरी की जगह केवल 1 बोरी दर्ज कर दी गई। इसके बावजूद भी पूरे 1 लाख 92 हजार रुपये के भुगतान को उसी एक बोरी की खरीदी पर दिखा दिया गया। यह क्लेरिकल मिस्टेक अब इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल बनकर खड़ा है कि आखिर कैसे इतनी बड़ी त्रुटि बिना जांच के पास हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए छिंदवाड़ा कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जैसे ही समाचार के माध्यम से जानकारी मिली, संबंधित विभाग से दस्तावेजों का अवलोकन कराया गया। जांच में स्पष्ट हुआ कि जो बिल रिकॉर्ड में प्रदर्शित हो रहा है और जो वास्तविक बिल फाइल में है, दोनों एक-दूसरे से अलग हैं। इसके अलावा निर्माण स्थल पर मौजूद कॉलम और स्वीकृत स्ट्रक्चर के बीच का अंतर सबसे गंभीर अनियमितता है। कलेक्टर बोले- पूरी राशि की वसूली की जाएगी कलेक्टर ने कहा कि यह पूरा प्रकरण स्पष्ट रूप से निर्माण और भुगतान प्रक्रिया में लापरवाही और अनियमितता की ओर इशारा करता है। इसलिए जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत से जुड़े संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है। सभी संलिप्त सदस्यों को वसूली नोटिस जारी कर दिया गया है, जिसके तहत निर्माण कार्य में हुई गलतियों और क्लेरिकल मिस्टेक से उत्पन्न भुगतान की राशि की पूरी वसूली की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सामुदायिक भवन का स्ट्रक्चर स्वीकृत डिज़ाइन से बिल्कुल अलग बनाया गया है, जो इस केस का सबसे बड़ा बिंदु है। इसलिए वसूली और कार्रवाई दोनों ही सुनिश्चित की जाएंगी। कलेक्टर के अनुसार प्रशासन इस प्रकार की किसी भी गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं करेगा और इस मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *