नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा- भाजपा वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा करने का षड्यंत्र कर रही है। SIR प्रक्रिया का दुरुपयोग कर कांग्रेस समर्थित मतदाताओं के नाम भाजपा सुनियोजित तरीके से काट रही है। जूली ने कहा- अगर इतनी ही बेईमानी और फर्जीवाड़ा करना है, तो चुनाव का ढोंग बंद कर खुद को निर्वाचित घोषित कर दें। जनता के बीच जाने से आपको डर लगता है, इसीलिए आप चुनाव प्रणाली को दूषित कर रहे हैं। देश की चुनाव प्रणाली पर जो अंगुलियां उठ रही हैं, उसका कारण भाजपा का यही आचरण है। जूली ने प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा- नियमों को ताक पर रखकर थोक में फॉर्म जमा किए जा रहे हैं। चुनाव कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएं, ताकि पता चले कि हजारों फॉर्म कौन जमा कर रहा है? फॉर्म प्रिंटेड हैं, जिनमें केवल नाम कटवाने वालों की जानकारी पहले से छपी है। शिकायतकर्ता ने आनन-फानन में फर्जी हस्ताक्षर किए हैं। फर्जी आवेदन करने वालों पर मुकदमा दर्ज करें
जूली ने कहा- एक व्यक्ति को कितने नाम कटवाने का अधिकार है? यहां एक-एक व्यक्ति 500 से 700 नाम कटवाने के आवेदन दे रहा है। ऐसे लोगों पर तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए जो संविधान का मजाक बना रहे हैं। मैं 28 हजार वोटों से जीता, अब इतने ही नाम कटवाने के आए आवेदन… ये संयोग या साजिश
उन्होंने कहा- मैं इस बार लगभग 28 हजार वोटों के अंतर से जीता हूं। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि गहरी साजिश है कि अलवर ग्रामीण में लगभग 28 हजार नाम कटवाने के ही आवेदन लगाए गए हैं। पिछले तीन दिनों में 4 हजार, फिर 12 हजार 500 और गुरुवार को 7-10 हजार और फॉर्म जमा किए गए हैं। यह लोकतंत्र का अपहरण है। अफसर संविधान की नौकरी करें, भाजपा की नहीं
प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर नेता प्रतिपक्ष ने चेतावनी दी। जूली ने कहा- बाबा साहब अंबेडकर के संविधान और नियमों की पालना कराना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। यदि आप दबाव में काम कर रहे हैं या भाजपा के एजेंट बन गए हैं, तो नौकरी छोड़ दें। हम गलत करने वाले हर अधिकारी के खिलाफ पूरी कांग्रेस पार्टी के साथ खड़े रहेंगे और विधानसभा सत्र (28 जनवरी) में इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाएंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मिले कांग्रेस नेता
SIR में गड़बड़ी के मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन से मुलाकात की। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा और मुख्य सचेतक रफीक खान ने नवीन महाजन से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने जांच की मांग करते हुए किसी भी तरह की गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई करने को कहा।


