बीकानेर में चल रहे ‘खेजड़ी बचाओ’ आंदोलन चौथे दिन मंत्री केके विश्नोई ने अनशन पर बैठे लोगों को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। सिर्फ जोधपुर और बीकानेर संभाग में खेजड़ी की कटाई पर रोक लगाने का ऑर्डर सुनते ही लोग भड़क गए। कुछ देर बाद लोग फिर अनशन पर बैठ गए। बोले- जब तक पूरे राजस्थान में खेजड़ी काटने पर रोक नहीं लगेगी तब तक अनशन जारी रहेगा। इधर, विधानसभा में सीएम भजनलाल शर्मा ने ऐलान किया कि खेजड़ी संरक्षण के लिए कानून बनेगा। आंदोलन की अगुवाई कर रहे परसराम विश्नोई ने बताया कि अनशन खत्म नहीं हुआ है। संतों का कहना था कि भक्तों की भावना थी कि पूरे राजस्थान में रोक लगनी चाहिए। जो ऑर्डर आया वो अधूरा ही था। उन्होंने बताया कि आमरण अनशन चल रहा है। इससे पहले कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता मंत्री केके विश्नोई और राज्य जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत बिश्नोई गुरुवार सुबह करीब 11 बजे अनशन स्थल (बिश्नोई धर्मशाला) पर पहुंचे। मंच पर संबोधन के दौरान मंत्री के हाथ से माइक ले लिया। मंत्री केके विश्नोई ने कहा कि आप अनशन तोड़ दीजिए, हम लिखकर दे देंगे। मंच पर मौजूद संतों ने बिना लिखित आश्वासन के अनशन से उठने से इनकार कर दिया। जब केके विश्नोई मंच पर अपनी बात रख रहे थे, तभी संत सरजूदास बीच में खड़े हो गए। उन्होंने कहा- इधर-उधर की बात न करें। सीधा बताएं लिखित में देंगे या नहीं। यदि लिखित में नहीं देंगे तो हम अनशन पर बैठे हैं। केके विश्नोई ने कहा- सरकार लिखित में देने को तैयार है। आप अनशन तोड़ दीजिए। फलोदी विधायक के बयान पर भड़के आंदोलनकारी
फलोदी विधायक पब्बाराम विश्नोई ने अनशन तोड़ने की अपील की। इस दौरान उनका विरोध शुरू हो गया। आंदोलनकारियों ने हंगामा करते हुए कहा कि आश्वासन लिखित में दिया जाए। इस पर पब्बाराम विश्नोई ने कहा कि यदि किसी की जान को नुकसान हुआ, तो आपका, हमारा और सभी का मुंह खराब होगा।
इस बयान से लोग और भड़क गए। वे नाराज हो गए और पब्बाराम को बैठ जाने के लिए कह दिया। 2 फरवरी से जारी है अनशन
बीकानेर में कलेक्ट्रेट के पास पॉलिटेक्निक कॉलेज ग्राउंड में 2 फरवरी से अनशन की शुरुआत हुई थी। आज (गुरुवार) चौथे दिन भी अनशन जारी है। 2 फरवरी की रात को ही सभी आंदोलनकारी बिश्नोई धर्मशाला पहुंच गए थे। अब वहीं पर अनशन चल रहा है। बुधवार देर रात 4 अनशनकारियों को अस्थायी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। अनशन स्थल की PHOTOS…. खेजड़ी बचाने के लिए सास-बहू ने खाना-पानी छोड़ा; मां बोलीं- पेड़ों को बचाने बेटा सबसे आगे रहता था पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग देखिए….


