इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश का रास्ता खोलने वाली जेईई मेन-2026 (जनवरी सेशन) परीक्षा बुधवार से शुरू होगी। यह 24 जनवरी तक चलेगी। इस वर्ष देशभर की कुल 62 हजार 853 इंजीनियरिंग सीटों के लिए लगभग 13 लाख विद्यार्थियों के परीक्षा में शामिल होने की संभावना है। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। इस बार औसतन 1 इंजीनियरिंग सीट के लिए 21 विद्यार्थी मैदान में होंगे। जेईई मेन व जेईई एडवांस्ड के माध्यम से देश के आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी और गवर्नमेंट फंडेड टेक्निकल इंस्टीट्यूट्स (जीएफटीआई) में बीटेक, इंटीग्रेटेड एमटेक व ड्यूल डिग्री पाठ्यक्रमों में प्रवेश मिलेगा। उदयपुर से 12 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे परीक्षा में जेईई मेन से आईआईटी में 18,160, एनआईटी में 24,525, ट्रिपल आईटी में 9,940 और जीएफटीआई में 10,228 सीटें उपलब्ध हैं। हर शिफ्ट में सवा लाख से अधिक अभ्यर्थियों के बैठने की संभावना है। इस बीच परीक्षा की कठिनाई स्तर, कटऑफ और प्रारंभिक शिफ्टों के कथित आसान प्रश्नपत्रों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। ऐसे पूर्वाग्रहों से दूरी बनाकर रणनीतिक और संतुलित प्रदर्शन ही सफलता की कुंजी है। उदयपुर में करीब 12 हजार विद्यार्थी जेईई मेन एग्जाम देंगे। भास्कर एक्सपर्ट- देव शर्मा, एजुकेशन एक्सपर्र्ट अच्छी रणनीति दिलाएगी बढ़त
कटऑफ, पेपर डिफिकल्टी लेवल और पेपर लीक जैसी चर्चाएं विद्यार्थियों के मानसिक संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं। पिछले वर्षों के ट्रेंड के आधार पर यह मान लेना कि प्रारंभिक शिफ्ट आसान होगी या गणित हमेशा कठिन आएगी, सही नहीं है। प्रतियोगी परीक्षाओं में परिस्थिति के अनुसार त्वरित और सकारात्मक निर्णय लेना जरूरी है। विद्यार्थियों को दो चरणों की रणनीति अपनानी चाहिए। पहले आसान प्रश्न हल करें, फिर समय लेने वाले प्रश्नों पर जाएं। किसी एक प्रश्न पर अधिक समय लगाना नुकसानदायक हो सकता है।


