देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन के पहले सेशन की शुरुआत बुधवार से हो गई। यह परीक्षा देश और विदेश के 300 से अधिक शहरों में आयोजित की जा रही है। जनवरी सेशन में देशभर से 13 लाख से ज्यादा विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। कोटा में परीक्षा सुबह और दोपहर की दो शिफ्ट में कराई जा रही है। सुबह 9 बजे शुरू होने वाली परीक्षा के लिए विद्यार्थियों को 8.30 बजे तक ही एंट्री दी गई। परीक्षा केंद्रों पर सुबह 7 बजे से ही विद्यार्थियों की लाइन लग गई थी। विद्यार्थियों की तलाशी के साथ मेटल डिटेक्टर से जांच की गई, वहीं बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन भी अनिवार्य रहा। ऑनलाइन कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट मोड में हो रही परीक्षा के दौरान सीसीटीवी कैमरे और जैमर की मदद ली जा रही है। सभी केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जा रही है। पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में एनटीए की गाइडलाइन के अनुसार ही परीक्षा केन्द्र पर एंट्री दी गई। विद्यार्थियों को बारकोड के जरिए लैब अलॉट की गई। परीक्षा दोपहर 12 बजे तक चलेगी। इस बार ओरिजिनल आईडी प्रूफ से ही प्रवेश दिया गया। कई विद्यार्थी गले में डोरी, हाथ में मौली, इयररिंग्स और नोज पिन पहनकर पहुंचे थे। ऐसे में उन्हें मौके पर ही हटवाकर या काटकर प्रवेश दिया गया। सर्दी के कारण जैकेट पहनकर आए विद्यार्थियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मोटे बटन या मेटल चेन वाली जैकेट पर टेपिंग कराकर उन्हें अंदर जाने दिया गया।


