“कभी भी कुछ भी हो जाए, लेकिन आप हार मत मानो। कुछ भी दिक्कत आए तो हम उससे आगे निकल सकते है। कोई भी चीज ऐसी नहीं होती है, जो हमारी तैयारियों को रोक सके। हम किसी भी चीज से उभरकर आ सकते है। तबीयत खराब होने के दौरान डेढ़ महीने पढ़ाई नहीं हुई थी। उसके बाद विजित जैन सर के मोटिवेशन और मां और नानी के सपोट से मैंने मेहनत की। उसके बाद जो इम्प्रूवमेंट हुआ तब लगा कि अब ऐसा कुछ नहीं है, जो मुझे रोक सकता है।” यह कहना है कि जेईई मेन-2025 के पहले चरण में 99.90 परसेंटाइल के साथ लड़कियों में सिटी और स्टेट में टॉपर रही हर्षिता गोयल का। दरअसल, इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन 2025 के पहले चरण का रिजल्ट मंगलवार देर शाम को आया। इंदौर के 150 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने 99 परसेंटाइल से अधिक स्कोर किया है। दैनिक भास्कर ने हर्षिता गोयल से बातचीत की। हर्षिता ने बताया कि पता था कि मेरा रिजल्ट अच्छा आएगा, लेकिन यह नहीं पता था कि वह एमपी में फर्स्ट रेंक हासिल करेंगी। उनके लिए यह बिल्कुल चौंकाने वाला था। 11th क्लास की शुरुआत से ही हर्षिता ने जेईई की तैयारी शुरू कर दी थी। तैयारी को दो साल हो चुके है। अब वह 12th की एग्जाम देंगी। 15 घंटे कोचिंग में की पढ़ाई हर्षिता ने बताया कि वह कोचिंग से ही पूरी तैयारी कर रही है। सुबह 7 से रात 10 बजे तक कोचिंग में रह कर ही 15 घंटे अपनी पढ़ाई को दिए। हफ्ते के सातों दिन वह पढ़ाई करती है। क्लास की खास बात यह है कि यहां सभी डिस्ट्रक्शन से दूर रखते है। उन्हें पढ़ाई में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आई। जितना आता है उसे स्ट्रॉन्ग किया हर्षिता ने बताया कि पढ़ाई के दौरान उन्हें जितना आता था उसे ज्यादा स्ट्रॉन्ग किया। इसके बाद जिसमें वह कमजोर थी, उस पर ध्यान दिया। एग्जाम के लास्ट स्टेज पर भी उन्होंने जो आता था उस पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया। हर्षिता बताती हैं कि वह दिनभर कोचिंग में ही पढ़ती थी, घर जाकर पढ़ाई नहीं करती थी। डेढ़ महीने पढ़ाई से दूर रही टॉपर हर्षिता ने बताया कि वह मूल रूप से उज्जैन की रहने वाली है। उनकी मां मेघना गोयल उज्जैन में ही बैंक में जॉब करती है। जेईई के लिए वह इंदौर आए थी। शुरू में वह होस्टल में रही। मगर यहां उनकी तबीयत खराब हो गए थी। पहले टाइफाइड और फिर निमोनिया होने के कारण वह डेढ़ महीने पढ़ाई और कोचिंग से दूर रही। परिवार ने लिया फैसला, इंदौर आई नानी तबीयत खराब होने पर परिवार के लोग भी चिंतित हो गए थे। इसके चलते परिवार के लोगों ने फैसला लिया कि नानी हर्षिता के साथ इंदौर में रहेंगी। 2024 से 75 साल की नानी हर्षिता के साथ इंदौर में रह रही है और हर्षिता का ध्यान रख रही है। हर्षिता ने बताया कि पढ़ाई के दौरान वह सोशल मीडिया से पूरी तरह दूर रही। IIT बांबे जाना चाहती हैं हर्षिता हर्षिता ने बताया कि आगे वह जेईई एडवांस्ड की तैयारी कर रही है। वह चाहती है कि उसमें भी वह अच्छी रैंक लाए। इसके बाद वह IIT बांबे में किसी अच्छी ब्रांच में जाना चाहती है। वह AI या कम्प्यूटर साइंस की फील्ड में ही आगे जाना चाहती है और कुछ अच्छा करना चाहती है। हर्षिता ने बताया कि उन्हें रीडिंग, आर्ट एंड क्राफ्ट और ट्रेवलिंग का शौक है। जेईई मेन 2025 का दूसरा चरण अप्रैल माह में होगा। इसके बाद पेपर 1 और पेपर 2 के नतीजों के आधार पर जेईई एडवांस्ड के लिए शॉर्टलिस्ट होंगे। इसी परीक्षा से देश के 23 आईआईटी में प्रवेश मिलता है।


