कोटा जिले के इटावा क्षेत्र में जेईएन के साथ मारपीट के विरोध में विभिन्न विभागों के इंजीनियर सामूहिक अवकाश पर रहे और कार्य बहिष्कार किया। इंजीनियर्स की ओर से गठित संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में संभागीय कार्यालय पर शुक्रवार को सांकेतिक धरना दिया गया। वहीं नहरों में जल प्रवाह पूरी तरह बंद कर दिया गया। अभियंताओं ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम संभागीय आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। इटावा क्षेत्र के रामपुरिया माइंस में 22 नवंबर को नहर के प्रवाह को बाधित करने के विवाद के दौरान सिंचाई विभाग के जेईएन नितिन पटेल के साथ कुछ लोगों ने मारपीट कर दी थी। 5 दिन बीत जाने के बाद भी नहीं हुई गिरफ्तारी, असंतोष
संघर्ष समिति का कहना है कि पांच दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से इंजीनियर्स में असंतोष है। संयुक्त संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री के नाम दिए ज्ञापन में कहा कि इंजीनियर्स पर हमला किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। अगर आरोपियों को दो दिन में गिरफ्तार नहीं किया गया तो इंजीनियर्स अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। इससे नहरों की मॉनिटरिंग ना होने के कारण नहरों की जल-आपूर्ति पूर्णतया बंद रखी जाएगी। अभियंता संगठन ने मांग की है कि जेईएन नितिन पटेल पर हमले में शामिल सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। इंजीनियर्स की सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित किया जाए।
नहर व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करने वालों पर कठोर कार्रवाई हो। अभियंताओं की सुरक्षा के लिए स्थायी और प्रभावी प्रबंध किए जाए।


