यह चमत्कार जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय (जेएनवीयू), जोधपुर का है। यहां फेल होने वाले विद्यार्थियों की कॉपियां जांचे बिना ही रिवैल्युएशन में नंबर बढ़ा दिए जाते हैं। भास्कर ने 2022 से 2024 के बीच लॉ के विद्यार्थियों की 60 कॉपियां जुटाई है। इसमें से 27 कॉपियां ऐसी हैं, जिनकी जांच किए बिना ही सीधे 71 नंबर तक बढ़ा दिए गए। रिवैल्युएशन करने वाले ने कई कॉपियों में अंदर झांकने की बजाय सिर्फ़ मुख्य पृष्ठ पर नंबर बढ़ाकर दर्ज कर दिए गए। भास्कर की जांच में सामने आया कि जिन कॉपी में इतने अंक बढ़ाए गए, उसकी जांच तक नहीं की गई थी। भास्कर ने बिना रिवॉल्यूशन की कॉपी और रिवैल्युएशन के बाद की कॉपी जुटाकर पड़ताल की। सवाल यह है कि बिना जांच किए आखिर इतने बड़े स्तर पर नंबर कैसे बढ़ गए? विद्यार्थियों के साथ गलत नहीं होने दिया जाएगा
“भास्कर की पिछली खबर के बाद मामले की जांच की जा रही है। जहां भी जो कमी या गड़बड़ मिलती है उसमें नियम अनुसार जो भी सही होगा वही किया जाएगा। विद्यार्थियों के साथ गलत नहीं होने दिया जाएगा।”
-अजीत कुमार, वीसी, जेएनवीयू दो स्टूडेंट के पहले 417 और 419 अंक थे, जो 434 और 490 हो गए सबसे चौंकाने वाला मामला दो विद्यार्थियों का है। दोनों ने 2023-2024 में एलएलबी फर्स्ट ईयर की परीक्षा दी थी। दोनों के शुरुआती अंक क्रमशः 417 और 419 थे। दोनों ने रिवैल्युएशन करवाया तो एक के अंक बढ़कर 434 तो दूसरे के सीधे 490 तक पहुंच गए। यानी 71 अंकों की बढ़ोतरी। जबकि दोनों के ही फैमिली लॉ फर्स्ट और कांस्टीट्यूशनल ऑफ इंडिया लॉ फर्स्ट के पेपर में बैक आई थी। फैमिली लॉ में रिवैल्युएशन के बाद एक के नंबर 28 से बढ़कर 45 हो गए। कांस्टीट्यूशनल में 30 से 43 हो गए। पब्लिक इंटरनेशनल लॉ विषय में 36 से सीधे 58, लॉ ऑफ़ टॉर्ट्स में 36 से 55 नंबर हो गए। ऐसे ही कइयों के कुल में से 25 तो कुछ के 51 तक नंबर बढ़ा दिए। 233 स्टूडेंट को बैक, रिवैल्युएशन में पास कर चुके यह पहली बार नहीं है जब जेएनवीयू की परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठे हैं। 30 अगस्त को दैनिक भास्कर ने खुलासा किया था कि बीएससी और डी फार्मा के विद्यार्थियों की 600 मार्कशीट की जांच में 233 विद्यार्थी ऐसे मिले जिन्हें पहले बैक या फेल कर दिया गया था। लेकिन रिवैल्युएशन के बाद लगभग 90% विद्यार्थी पास हो गए। उस समय यह भी सामने आया था कि रिवैल्युएशन के लिए प्रति विषय ₹400 और दोबारा परीक्षा के लिए ₹1400 वसूले जा रहे हैं।


