टीमवर्क आर्ट्स की ओर से निर्मित जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल अपने 19वें संस्करण की 15 जनवरी से शुरुआत होगी। जयपुर एक बार फिर साहित्य, विचार और संवाद का वैश्विक मंच बनने जा रहा है। होटल क्लार्क्स आमेर में सोमवार को जेएलएफ के प्रोड्यूसर संजॉय रॉय ने फेस्टिवल की पूरी जानकारी शेयर की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष फेस्टिवल का विशेष फोकस हिंदी भाषा, राजस्थानी आवाज और क्षेत्रीय सांस्कृतिक परंपराओं पर रहेगा, जो इसे भारतीय साहित्यिक परिदृश्य से और गहराई से जोड़ता है। जेएलएफ 2026 में दुनिया भर से लेखक, कवि, विचारक, नीति-निर्माता और कलाकार शामिल होंगे। प्रमुख आकर्षणों में जावेद अख्तर, सुधा मूर्ति, किरण देसाई, स्टीफन फ़्राय, टिम बर्नर्स-ली, वीर दास, विश्वनाथन आनंद और जिमी वेल्स जैसे विश्वविख्यात नाम शामिल हैं। इनके अलावा ऐन एप्पलबाउम, अरविंद सुब्रमण्यम, डी. वाई. चंद्रचूड़, एस्तेर डुफ्लो, रिचर्ड फ्लैनगन, एडवर्ड लूस, गौर गोपाल दास, गोपाल कृष्ण गांधी, लियो वराडकर, महाराजा गज सिंह, अनुराधा रॉय, मेघा मजूमदार, पर्सिवल एवरेट और निकोलस स्टर्न जैसे अनेक प्रतिष्ठित वक्ता भी शिरकत करेंगे। संजॉय ने कहा कि इस बार भारत के पड़ासी देशों में चल रहे कॉन्फ्लिक्ट पर भी सत्र रखे गए हैं, वहीं दुनियाभर में पॉलिटिकल हलचल पर भी यहां चर्चा होगी। फेस्टिवल में हिंदी साहित्य और क्षेत्रीय भाषाओं की सशक्त उपस्थिति देखने को मिलेगी। इसी क्रम में महाकवि कन्हैयालाल सेठिया काव्य पुरस्कार 2026 की घोषणा की गई है, जो कविता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान को सम्मानित करेगा। यह पुरस्कार नमिता गोखले, सुकृता पॉल कुमार, रंजीत होस्कोटे और सिद्धार्थ सेठिया की जूरी की ओर से प्रदान किया जाएगा। फेस्टिवल के साथ चलने वाला जयपुर बुकमार्क अपने 13वें संस्करण में मराठी भाषा, अनुवाद और प्रकाशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर चर्चा करेगा। वहीं जयपुर म्यूजिक स्टेज और मॉर्निंग म्यूजिक में भारतीय शास्त्रीय, लोक और समकालीन संगीत की रंगारंग प्रस्तुतिया होंगी, जो साहित्य और सुरों का अद्भुत संगम रचेंगी।
वीडियो सहयोग: प्रिंस शर्मा


