जेकेके में लाखन सिंह की पेंटिंग प्रदर्शनी में उमड़े दर्शक:बोले- कला में ग्रामीण जीवन की आत्मा, कलाकृतियों में खुरदरे स्ट्रक्चर पर दिखाया शांत वातावरण

जवाहर कला केंद्र की सुरेख आर्ट गैलरी में कलाकार लाखन सिंह जाट की सोलो पेंटिंग प्रदर्शनी वंडरिंग इन ड्रीम्स इन दिनों कला प्रेमियों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। पांच दिन चलने वाली यह प्रदर्शनी 5 अक्टूबर तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक दर्शकों के लिए खुली रहेगी। 1986 में राजस्थान के कुसायं गांव में जन्मे लाखन सिंह जाट ने 2009 में राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट, जयपुर से मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद स्वतंत्र कलाकार के रूप में अपनी कला यात्रा शुरू की। पिछले 16 वर्षों से वे लगातार फ्रीलांस पेंटिंग कर रहे हैं और यह प्रदर्शनी उनका दसवां सोलो शो है। कोविड-19 के समय कला में आया बदलाव उनके कला-सफर की शुरुआत ‘अठखेलियां’ सीरीज से हुई थी, जिसमें ग्रामीण बचपन की निश्छल खुशियां और मासूमियत झलकती थी। कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन के समय उनकी कला में बड़ा बदलाव आया और उन्होंने बाहरी जीवन की चहल-पहल से हटकर आत्मचिंतन और एकांत की ओर रुख किया। इसके बाद उनकी ‘विलेज टू वर्चुअल वर्ल्ड’ और ‘कपल इन लव’ सीरीज को सराहा गया और अब वे अपनी नई सीरीज लेकर आए हैं। खुरदरे स्ट्रक्चर में दिखाया शांत वातावरण इस एग्जीबिशन के संग्रह की पेंटिंग्स में ग्रामीण जीवन की झलक, कृषक संस्कृति की आत्मीयता, जीवंत रंगों का आकर्षण और खुरदरे टेक्स्चर के बीच एक शांत वातावरण दिखाई देता है। ज्यामितीय आकृतियों और अमूर्त रूपों के जरिये लाखन ने स्मृतियों और स्वप्निल दुनिया को अनोखे अंदाज में प्रस्तुत किया है। प्रदर्शनी का उद्घाटन देश के प्रसिद्ध कलाकार मनीष पुष्कले और जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र सिंह मक्कड़ ने किया। इस शो को आर्ट क्यूरेटर राजूला लूना ने तैयार किया है। तीसरे दिन शनिवार को बड़ी संख्या में कला-प्रेमी और युवा कलाकार गैलरी पहुंचे और लाखन की पेंटिंग्स को नजदीक से देखने और समझने का प्रयास किया। कई दर्शकों का कहना था कि उनकी कला में ग्रामीण जीवन की आत्मा और आधुनिक सोच का सुंदर संगम देखने को मिलता है।

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