जेकेलोन हॉस्पिटल में शिशुओं के लिए बना मदर मिल्क बैंक:एक करोड रुपए की लागत से बनाया गया

संभाग के सबसे बड़े मातृ एवं शिशु जेके लोन हॉस्पिटल परिसर में बनाया गया मदर मिल्क बैंक। जिन माताओं के शिशु की जन्म के बाद मौत हो जाती हैं या फिर जिन माताओ के दूध अधिक रहता है। वह इस मदर मिल्क बैंक में डोनेट कर सकेंगे। जेकेलोन हॉस्पिटल अधीक्षक डॉक्टर निर्मला शर्मा ने बताया कि एनएचएम के द्वारा बनाया गया मदर मिल्क बैंक का 90 प्रतिशत तक काम पूरा हो चुका है। हॉस्पिटल परिसर में नर्सिंग कॉलेज के नजदीक में मदर मिल्क बैंक तकरीबन 1 करोड़ की लागत से बन चुका है। मदर मिल्क बैंक सभी मिशनरी लँग चुकी है लेकिन पॉश्चराइजर मशीन के इंस्टॉलेशन को लेकर काफी देरी हो रही है। पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट मेडिकल कॉलेज में बात की गई है। मशीन के इंस्टॉलेशन को लेकर इंजीनियर को बुलाया गया है। 7 दिनो में मशीन के इंस्टॉलेशन का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जेके लोन हॉस्पिटल में मदर बैंक में एक डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की टीम तैयार की गई है। जिन माताओ के शिशु की जन्म के बाद मौत हो जाती हैं या फिर जिन माताओ के दूध अधिक रहता है वो इस मदर मिल्क बैंक में डोनेट कर सकते है। इसको लेकर सभी महिलाओं को मोटिवेट किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मिल्क डोनेट को लेकर प्रसुताओं की पहले जांच भी की जाएगी ताकि किसी प्रकार का संक्रमण एचआईवी, हेपेटाइटिस तो नही है संक्रमित माता का दूध हम नहीं लेते। किसी भी तरह की बीमारी जो की मां के दूध से बच्चों में जा सकती है। इसी के साथ मदर मिल्क बैंक में दूध को संक्रमण से बचाने के लिए भी मशीन लगाई गई है। इसी के साथ दूध को स्टोरेज करने के लिए भी डी फ्रिज लगाए गए हैं। ताकि दूध अधिक दिनों तक उपयोग किया जा सके।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *