जल जीवन मिशन (जेजेएम) में हर घर नल कनेक्शन के लिए केंद्र सरकार से पैसा (बजट) नहीं मिलने को लेकर जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने जल शक्ति मंत्रालय को कठघरे में खड़ा कर दिया। जलदाय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने जेजेएम को मार्च 2024 में बंद कर दिया। अभी भी जेजेएम का केंद्र से पैसा नहीं मिला। फिर भी हमने जेजेएम में काम किया। दो साल में 7,900 से ज्यादा गांवों को जेजेएम से जोड़ा। जलदाय मंत्री के केंद्र सरकार की ओर से जेजेएम के लिए पैसा नहीं देने के बयान के बाद सरकार में हड़कंप मच गया। वहीं विपक्षी नेताओं ने केंद्र व राज्य की डबल इंजन सरकार पर सवाल उठाने शुरु कर दिए। जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत के साथ जल भवन में हुई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में जलदाय मंत्री ने कहा कि 2024-25 तक केंद्र से 12542 करोड़ से मिले। राज्य सरकार के हिस्से का 14945 करोड़ रुपए गया। ईआरसीपी अब नए स्वरूप में जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि वर्षों से अटकी ईआरसीपी- पीकेसी परियोजना के रूप में शुरू किया गया है। पहले चरण में 9,400 करोड़ रुपए के कार्यादेश जारी हो चुके हैं। इस परियोजना से 17 जिलों की करीब 3 करोड़ आबादी को पेयजल और 4 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। सरकार ने शेखावाटी क्षेत्र में यमुना जल लाने के लिए हरियाणा सरकार से एमओयू किया है। जनवरी 2026 तक डीपीआर तैयार कर ली जाएगी।


