प्रदेश में जल जीवन मिशन (जेजेएम) के कार्यों में इंजीनियरों और ठेकेदारों ने मिलकर करोड़ों का घोटाला किया है। जेजेएम में हर घर नल कनेक्शन और पेयजल का ठेका लेने वाले ठेकेदारों से मिलीभगत कर जेईएन ने फील्ड में काम हुए बिना ही माप पुस्तिका (एमबी) में पाइपलाइन और टंकियों का काम दिखा दिया। ठेकेदार ने भी एमबी भरी और एईएन ने मौका निरीक्षण किए बिना ही काम के फर्जीवाड़ा को वेरिफाई कर दिया। जेजेएम विंग के चीफ इंजीनियर अजय सिंह राठौड़ की ओर से की गई जांच में खुलासा हुआ कि इन डिविजन में एक्सईएन ने दोनों फर्मों को करोड़ों रुपए का एडवांस पेमेंट कर दिया। वहीं अधीक्षण अभियंता और एडिशनल चीफ इंजीनियर ने भी सुपरविजन की जिम्मेदारी पूरी नहीं की। इन एईएन को कारण बताओ नोटिस एईएन सुनील कुमावत, अनिल कुमार मितवा, बलवीर सैनी, नानगराम बैरवा, भूपेंद्र सिंह घुसिंगा, सतीश कुमार मीना, नमन कुमार वत्स, शिशुपाल सैनी, राम अवतार सिंगोदिया, सत्यनारायण गुप्ता, लखन सिंह मीना, नीरज पीपलोदा, युवराज कुमार सैनी, अनिल कुमार वर्मा, राजीव कुमार जैन, रोहिताश पाराशर, तेजपाल सिंह चौहान, कमल सिंह, करण सिंह मीणा, दीपक कुमावत, केवल कृष्ण मीणा, धर्मवीर सिंह, रामावतार मीना, रोहिताश पाराशर, सियाराम गुर्जर, विकास गुप्ता, गगन सिंह गुर्जर, गणेश कुमार वर्मा, विनोद कुमार सैनी, प्रदीप कुमार, अजय सिंह जोरवाल, अनुकृति सिहाग, अतुल ककर, जैकी शर्मा, हेमंत कुमार मीणा, सतीश कुमार मीणा सहित अन्य। प्रदेश में करोड़ों का फर्जी पेमेंट जेजेएम में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र से काम लेने वाली मैसर्स श्री श्याम ट्यूबवेल कंपनी व मैसर्स श्री गणपति ट्यूबवेल कंपनी को ही 55 करोड़ से ज्यादा का एडवांस पेमेंट किया है। ऐसे में अब प्रदेशभर में दूसरी कंपनियों के कार्यों व पेमेंट का भी क्रॉस वेरिफिकेशन करवाया जाएगा। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पिछले तीन साल में करीब 1000 करोड़ रुपए का एडवांस व फर्जी पेमेंट हुआ है। इसके लिए टीम गठित कर जांच होना जरूरी है। दोषियों पर की जाएगी सख्त कार्रवाई जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी का कहना है कि फर्जीवाड़ा कर एडवांस पेमेंट करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। सीएम भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार पारदर्शिता से काम कर रही है।


