जल जीवन मिशन में हुए भ्रष्टाचार में 6 अफसरों के खिलाफ जांच के लिए एसीबी ने एसआईटी बना दी है। एसीबी ने 8 अधिकारियों के खिलाफ जांच की अनुमति मांगी थी। इसमें सरकार ने बानसूर से भाजपा विधायक देवीसिंह शेखावत के भाई आरएएस गोपाल सिंह शेखावत, फाइनेंस एडवाइजर व सीएफओ केसी कुमावत के खिलाफ जांच की अनुमति नहीं दी है। जेजेएम घोटाले के दौरान गोपाल सिंह जलदाय विभाग में डिप्टी सेक्रेटरी थे। अभी हाउसिंग बोर्ड में सेक्रेटरी हैं। सीनियर आईएएस सुबोध अग्रवाल सहित 6 अफसरों के खिलाफ जांच की अनुमति मिल गई है। एसीबी को पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी सहित 13 अफसरों के खिलाफ पहले ही जांच की अनुमति मिल चुकी है। एसआईटी में एसपी महावीर सिंह राणावत, एएसपी हिमांशु कुलदीप, भूपेन्द्र सिंह, महावीर प्रसाद को शामिल किया गया है। इस तरह से खुला घोटाला एसीबी जांच में जलदाय विभाग और कंपनी के बीच लेन देन का मामला आया था। एसीबी ने 30 अक्टूबर 2024 को महेश जोशी के खिलाफ मामला दर्ज किया। मैसर्स श्री गणपति ट्यूबवैल कम्पनी के महेश मित्तल व फर्म मैसर्स श्री श्याम ट्यूबवैल कम्पनी के पदमचन्द जैन ने इरकॉन इन्टरनेशनल के फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर टेंडर प्राप्त किये हैं।


